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जीतू पटवारी का गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला, कहा- किसान दर-दर भटकने को मजबूर

भोपाल, 31 मार्च । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल से एमएसपी पर अनाज खरीदी के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार के राज में आज किसान दर-दर भटकने को मजबूर है।

जीतू पटवारी ने मंगलवार काे अपने बयान में कहा कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सदन में किसानों की आय 8 गुना बढ़ने और एमएसपी पर खरीदी के दावे करते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि सही समय पर एमएसपी का लाभ मिलने वाला किसान लगभग नजर ही नहीं आता। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश का किसान आज कर्ज में डूबा है। कर्ज की किश्त भरने की तारीख निकल चुकी है, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि “किसानों को बार-बार तारीख दी जा रही है, लेकिन उनके ऋण की तिथियां नहीं बढ़ रही। क्या यही उनकी आय बढ़ाने के वादों की सच्चाई है?”

सत्ता के करीबी मालामाल, किसान परेशान

पटवारी ने कहा कि एक तरफ किसान खरीदी केंद्रों पर लाइन में खड़ा है और तुलाई के लिए भटक रहा है, वहीं सत्ता से जुड़े लोग पहले ही गेहूं के गोदाम भर चुके हैं। उन्होंने इसे किसानों के साथ खुला अन्याय करार दिया। पटवारी ने कहा कि मोहन सरकार अब “वसूली की सरकार” बन गई है। तहसील में वसूली, लोन की वसूली और बिजली बिलों की मार से किसान त्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीख लगातार बदलने के बावजूद किसानों के ऋण तिथियों पर कोई राहत नहीं दी जा रही

उन्होंने कहा कि आज किसान के पास केवल दो ही विकल्प बचे हैं- या तो वह अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचकर ऋण की किस्त चुकाए, या फिर बाजार से कर्ज लेकर भुगतान करे। दोनों ही स्थिति में किसान का नुकसान तय है और वह एक बार फिर कर्ज के कुचक्र में फंसता जा रहा है।

पटवारी ने कहा कि 31 मार्च की समय-सीमा निकलने के बाद लगभग 40% किसान डिफॉल्टर होने की कगार पर पहुंच गए हैं। सरकार न तो अपने वादे के अनुसार ₹2700 प्रति क्विंटल गेहूं का दाम दे रही है और न ही समय पर खरीदी शुरू कर पा रही है। उन्होंने कहा कि पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल की तारीख दी जा रही है। यह “तारीख पर तारीख” की सरकार बन चुकी है। खरीदी शुरू न होने से मंडियों में किसानों की खुली लूट हो रही है, जो पूरी तरह से किसानों के साथ कुठाराघात है।

पटवारी ने मांग की हैं कि:

तत्काल प्रभाव से MSP पर पारदर्शी और समयबद्ध खरीदी सुनिश्चित की जाए।

बारदाना संकट और वेयरहाउस में पहले से भरे गेहूं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

किसानों के ऋण भुगतान और किस्तों में तत्काल राहत दी जाए।