Rajasthan

शिक्षक भर्ती में अधिक अंक होने के बावजूद चयन नहीं करने को लेकर आपत्ति करें तय

जयपुर, 14 अप्रैल । राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2012 के संशोधित परिणाम में अधिक अंक लाने के बावजूद भी अभ्यर्थी का चयन नहीं करने के मामले में राज्य सरकार को कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से मामले में दिए निर्णय के आधार पर याचिकाकर्ता का अभ्यावेदन तय करे। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश सोनम शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने करौली जिला परिषद की ओर से आयोजित तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती, 2012 में आवेदन किया था। परीक्षा के विवादित प्रश्नों को लेकर हाईकोर्ट ने संशोधित परीक्षा परिणाम जारी करने के आदेश दिए थे। जिला परिषद की ओर से जारी संशोधित परिणाम में याचिकाकर्ता के अधिक अंक आ गए, लेकिन उसे नियुक्ति नहीं दी गई। याचिका में कहा गया कि मामले को लेकर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश जारी कर मेरिट में आने वालों को नियुक्ति देने को कहा। इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से पेश एसएलपी भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि भर्ती में पूर्व में नियुक्त कुछ अभ्यर्थियों के अंक याचिकाकर्ता से कम हैं। ऐसे में खंडपीठ और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत उसे भी नियुक्ति दी जाए।