इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखंड की विकास यात्रा में मील का पत्थर हाेगा साबित: मुख्यमंत्री धामी
देहरादून, 14 अप्रैल । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हर दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की सौगात लेकर आता है। आज राज्य को लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की सौगात मिली है, जिससे विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी मंगलवार को यहां दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखंड की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक समरसता और वंचित वर्गों के उत्थान में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बैसाखी और सिख नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कृषि परंपराओं के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताए जाने से राज्य को नई पहचान मिली है। उन्होंने माणा गांव को देश का पहला गांव घोषित करने, ‘वेड इन उत्तराखंड’ का संदेश देने, आदि कैलाश को वैश्विक पहचान दिलाने, राष्ट्रीय खेलों के आयोजन और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” की अवधारणा के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने ‘अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत’ जैसी पंक्तियों के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व और विकास कार्यों की सराहना की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसमें मां नंदा की डोली और पारंपरिक यात्रा का सुंदर चित्रण किया गया था।

