Delhi

डीयू के डॉ. अंबेडकर महाविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया 30वां वार्षिक खेल दिवस

नई दिल्ली, 16 अप्रैल । दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय में 30वां वार्षिक खेल दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध एमएमए फाइटर, अभिनेता और एथलीट संग्राम सिंह उपस्थित रहे।

संग्राम सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी देश की असली ताकत उसकी सेना और उसके युवा होते हैं। उन्होंने अपने जीवन के बारे में कहा कि वह हारते कभी नहीं, या तो जीतते हैं या सीखते हैं।

संग्राम सिंह ने भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया, जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि आज हम जाति, धर्म और संप्रदाय में उलझकर आपस में लड़ रहे हैं, जबकि हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।

युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए संग्राम सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहकर अपनी सेहत पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने स्व-बोध पर भी प्रकाश डाला और कहा कि हमारी सबसे बड़ी हार यह नहीं है कि दुनिया हमें नहीं जानती, बल्कि यह है कि हम खुद को नहीं पहचानते।

कार्यक्रम में अन्य प्रमुख अतिथियों में संग्राम सिंह के कोच भूपेंद्र सिंह, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु प्रो. पी.सी. पातंजलि, सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र यादव और वरिष्ठ पत्रकार मुकेश केजरीवाल शामिल रहे।

प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और महाविद्यालय की खेल समिति की सराहना की, जो खिलाड़ियों के लिए नए अवसर सृजित करती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को भावी जीवन में सफलता की शुभकामनाएं दीं।

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश केजरीवाल ने कहा कि हार से आगे बढ़ने की क्षमता इंसान को मजबूत बनाती है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी कार्य को पूरे लगन और ईमानदारी से करने पर सफलता अवश्य मिलती है।

शारीरिक शिक्षा विभाग के संयोजक डॉ. के.के. शर्मा ने बताया कि महाविद्यालय के खिलाड़ी नाम से नहीं, बल्कि अपने काम से जाने जाते हैं। उन्होंने वार्षिक खेल रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।

30वें वार्षिक खेल दिवस का शुभारंभ ध्वजारोहण और मशाल प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रो राजेश उपाध्याय ने किया। मंच संचालन हिंदी पत्रकारिता पाठ्यक्रम के विद्यार्थी सक्षम पांडे ने किया। कार्यक्रम में प्रो बिजेंद्र कुमार, प्रो शशि रानी, प्रो चित्रा रानी, प्रो अरविंद यादव, डॉ सुभाष गौतम, डॉ प्रवीण झा, डॉ विनीत कुमार, डॉ अरुण प्रताप सिंह, डॉ आदर्श मिश्र, डॉ तारा शंकर, अखिलेश कुमार, राकेश कुमार के साथ सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।