Uttarakhand

विद्यार्थियों के रोल मॉडल होते हैं शिक्षक

हरिद्वार, 02 मई । बहादराबाद स्थित एंजल्स एकेडमी सीनियर सेकेंड्री स्कूल में एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के मूल्य चेतना प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. विनय सेठी बतौर विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से डॉ. सेठी ने शिक्षकों को शिक्षण से जुड़े विभिन्न आयामों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में विद्यार्थियों को सटीक, प्रामाणिक और ज्ञानवर्धक जानकारी देना जितना आवश्यक है, उतना ही कक्षा में अनुशासन बनाए रखना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

उन्होंने सीबीएसई तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के विभिन्न निर्देशों का उल्लेख करते हुए शिक्षकों के व्यवहार, धैर्य, सकारात्मक दृष्टिकोण और प्रभावी कक्षा प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. सेठी ने श्रीमद् भगवद्गीता के श्लोकों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रेष्ठ व्यक्ति जैसा आचरण करता है, समाज उसका अनुसरण करता है। इसी संदर्भ में उन्होंने बताया कि शिक्षक केवल विद्यालय के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर भी अपने आचरण से विद्यार्थियों के लिए आदर्श प्रस्तुत करते हैं। विद्यार्थी अपने शिक्षकों को रोल मॉडल मानते हैं और उनके व्यवहार से सीखते हैं।

उन्होंने एक आदर्श शिक्षक के गुणों अनुशासन, आत्मसंयम, निष्पक्षता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर विशेष रूप से प्रकाश डाला और कहा कि शिक्षक का चरित्र ही उसकी वास्तविक पहचान होता है, जो विद्यार्थियों के जीवन पर स्थायी प्रभाव छोड़ता है।

विद्यालय की प्राचार्य रश्मि चौहान ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण सत्र शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक और मार्गदर्शक होते हैं। वहीं मैनेजिंग डायरेक्टर पुष्पेंद्र चौहान ने इसे शिक्षकों को नई दिशा और दृष्टिकोण देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के अंत में उपप्राचार्य बीपी उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उपस्थित सभी शिक्षकों ने इस कार्यशाला को सार्थक, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताते हुए इसे अपने शिक्षण जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।