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युवा संकोच छोड़कर सपनों को दें उड़ान, राज्य सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर, 11 मई । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिसके मन में जिज्ञासा है, वही व्यक्ति मुश्किलों को पार कर अपने उद्देश्य को प्राप्त करता है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि युवा नवाचारों के जरिए राजस्थान को तकनीक में ग्लोबल लीडर बनाएं एवं भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि युवा माय भारत, आईस्टार्ट और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का लाभ उठाएं और सेवा का मिशन लेकर साथ चलें। युवा संकोच छोड़कर अपने सपनों को उड़ान दें, राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में स्टार्टअप्स, कौशल विकास, अनुसंधान और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से मजबूत तंत्र तैयार किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महान गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री ब्रह्मगुप्त के नाम पर राजस्थान में ब्रह्मगुप्त पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की। यह पुरस्कार विज्ञान, गणित, नवाचार एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार हमारी समृद्ध वैज्ञानिक विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा। उल्लेखनीय है कि ब्रह्मगुप्त का जन्म 7वीं शताब्दी में जालोर के भीनमाल में हुआ था। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए जयपुर के कोचिंग हब में इनोवेशन सेंटर स्थापित करने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि 11 मई का दिन इतिहास में केवल एक तारीख नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। वर्ष 1998 में इसी दिन पोकरण में परमाणु परीक्षण कर भारत ने विश्व को यह संदेश दिया था कि हम विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी क्षमता में किसी से कम नहीं है। इस उपलब्धि में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का अद्भुत साहस, दूरदृष्टि और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का वैज्ञानिक योगदान अतुलनीय रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान का नारा देते हुए कहा था कि 21वीं सदी का भारत तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक का निर्माता और निर्यातक बनेगा। कोरोना काल के दौरान भी वैज्ञानिकों एवं अनुसंधान की ताकत से ही पूरी दुनिया को वैक्सीन देकर विश्व में हमने भारत का डंका बजाया। वहीं, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में मिशन चंद्रयान, मेक इन इंडिया के तहत तेजस लड़ाकू विमान, अर्जुन टैंक, प्रचंड हेलिकॉप्टर बनाने के साथ ही आज देश एआई के क्षेत्र में सफल प्रयोग कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में विज्ञान, तकनीक और नवाचार ही विकास का वास्तविक माध्यम है और राजस्थान अपनी युवा शक्ति के जरिए उद्यमिता एवं तकनीकी प्रगति में नई पहचान बना रहा है। इसी क्रम में हर व्यक्ति तक विज्ञान और तकनीक का लाभ पहुंचाने के लिए केंद्रीयकृत राज्य स्तरीय ड्रोन सेल स्थापित करने की पहल की जा रही है। जिससे एआई और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से आपदा प्रबंधन, कृषि, शहरी नियोजन और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा एआई-एमएल पॉलिसी बनाई गई है, जिससे एआई और डिजिटल माध्यमों का प्रयोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जा सके।

उन्होंने कहा कि बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए मॉडल स्कूलों एवं पीएम श्री विद्यालयों सहित 820 विज्ञान क्लब प्रारंभ किए जा रहे हैं, जिनसे अनुसंधान एवं प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही, 500 से अधिक विद्यालयों में रोबोटिक्स लैब भी शुरू की गई हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं होने से युवा का विश्वास मजबूत हुआ है। वहीं, निवेश के जरिए भी रोजगार के लाखों अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के साइंस क्लब्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े विद्यार्थियों के अलावा शिक्षकों एवं युवा उद्यमियों से संवाद किया। उन्होंने युवाओं को तकनीक और नवाचार के साथ राष्ट्रसेवा और जनसेवा के संकल्प की शपथ भी दिलाई। इससे पहले उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में विभिन्न संस्थानों की ओर से किए गए नवाचारों का अवलोकन किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि हमारा युवा केवल शिक्षा तक सीमित नहीं होकर नवाचार से भविष्य को नई दिशा देने की ताकत रखता है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारा देश मेक इन इंडिया के साथ लगातार आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार भी ई-गवर्नेंस के साथ सुशासन एवं समावेशी विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित कर रही है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिलाए गए संकल्प को अपने जीवन को साकार करते हुए युवा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अपना योगदान देंगे। वहीं, भविष्य में प्रदेश का युवा नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनेगा।

इस दौरान विधायक गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।