Uttarakhand

राज्यपाल का उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और कौशल विकास पर जोर

नैनीताल, 23 मई । उत्तराखंड के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने डीएसबी परिसर में कुलपति एवं विभिन्न संकायाध्यक्षों के साथ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, नवाचार और विद्यार्थियों के कौशल विकास को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालयों को समाज और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा पर विशेष बल दिया।

राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालयों की मुख्य धुरी हैं तथा शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्य ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के लिए तैयार करने की भी है। उन्होंने समर्पित शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला बताते हुए पूर्व विद्यार्थियों (एलुमनी) को विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण शक्ति बताया और संस्थान के विकास में उनके अनुभव एवं सहयोग को और अधिक प्रभावी रूप से जोड़ने की आवश्यकता जताई।

बैठक में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सुधार, शोध गतिविधियों, डिजिटल व्यवस्थाओं तथा आधारभूत संरचना विकास की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल विकास, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम समयानुकूल, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख होने चाहिए ताकि विद्यार्थी नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान, नवाचार एवं कौशल विकास में भी दक्ष बन सकें।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप, प्रयोगात्मक शिक्षा, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों और उसके पूर्व नेतृत्व द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। साथ ही रसायन विज्ञान विभाग द्वारा नैनीताल झील के जलीय जीवन संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता से जुड़े प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने विश्वविद्यालय की नौसेना एनसीसी गतिविधियों को अनुशासन और नेतृत्व निर्माण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं को राष्ट्रहित, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार की भावना से जोड़ते हुए सक्रिय भूमिका निभानी होगी। बैठक में कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं नवाचार संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. नीता बोरा सहित विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।