World

काठमांडू की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार लेगी 1 बिलियन डॉलर का विदेशी ऋण

काठमांडू, 25 जून । नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र काठमांडू की शहरी यातायात प्रणाली में सुधार लाने के लिए लगभग 1 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी ऋण लेने का फैसला किया है।

नेपाल सरकार के भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्रालय के अनुसार, जापान इंटरनेशनल काेऑपरेशन एजेंसी (जाइका) द्वारा तैयार किए जा रहे काठमांडू वैली अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम मास्टर प्लान के प्रथम चरण के कार्यान्वयन के लिए यह ऋण लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

जाइका वर्ष 2023 से काठमांडू की शहरी यातायात प्रणाली पर काम कर रहा है। अगस्त 2026 तक यह मास्टर प्लान भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्रालय को सौंपने का कार्यतालिका तय है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, काठमांडू की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम करना होगा।

मंत्रालय के एक सहसचिव के अनुसार, जाइका के मास्टर प्लान के प्रथम चरण के लिए आवश्यक धन जुटाने हेतु अर्थ मंत्रालय के माध्यम से ऋण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उनका कहना है कि उपत्यका की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बहुत बड़ी राशि की आवश्यकता है। इतनी बड़ी राशि होने के कारण केवल घरेलू पूंजी के आधार पर परियोजना को आगे बढ़ाना कठिन है। इसलिए विदेशी ऋण लेने की योजना बनाई गई है। इसके लिए वित्त मंत्रालय के माध्यम से विश्व बैंक से अनुरोध किया गया है।

प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, जाइका की योजना के अनुसार परियोजना पर करीब 1 अरब 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च होगा। इसमें 1 अरब डॉलर ऋण तथा 2 करोड़ डॉलर अनुदान के रूप में मिलने की संभावना जताई गई है।

वित्त मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध महाशाखा प्रमुख एवं सहसचिव डॉ. धनीराम शर्मा ने बताया कि भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्रालय के प्रस्ताव पर काठमांडू के पूर्वाधार सुधार के लिए आवश्यक अध्ययन हेतु विश्व बैंक से सहयोग मांगा गया है।

उनके अनुसार, काठमांडू की यातायात व्यवस्था, भौतिक पूर्वाधार तथा ढल (सीवरेज) प्रबंधन के अध्ययन के लिए विश्व बैंक से अनुरोध किया गया है।

काठमांडू उपत्यका के यातायात और भौतिक पूर्वाधार सुधार के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित यह ऋण अब तक का सबसे बड़ा विदेशी ऋण माना जा रहा है। सार्वजनिक ऋण व्यवस्थापन कार्यालय के अनुसार, आर्थिक वर्ष 2025/26 के जून महीने तक नेपालका कुल विदेशी ऋण 15 खरब 83 अरब 91 करोड़ 37 लाख रुपये पहुंच चुका है।

जाइका के मास्टर प्लान में चरणबद्ध रूप से सड़क पूर्वाधार सुधार, यातायात रूट और वाहनों का व्यवस्थापन, अतिरिक्त ट्रैफिक सिग्नल स्थापना, कंपनियों के माध्यम से सार्वजनिक यातायात संचालन तथा प्रभावी नियमन और प्रबंधन के लिए मजबूत यातायात प्रणाली विकसित करने जैसे विषय शामिल हैं।

पहले चरण में मौजूदा अव्यवस्थित यातायात प्रणाली को व्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वर्तमान में उपत्यका में चलने वाले कुल वाहनों में 80 प्रतिशत से अधिक मोटरसाइकिल हैं। इनके अत्यधिक उपयोग के कारण ट्रैफिक व्यवस्था अव्यवस्थित हो गई है और यातायात अभी भी पर्याप्त रूप से सुरक्षित एवं विश्वसनीय नहीं बन पाया है। इसी कारण, जाइका ने छोटे वाहनों की निर्भरता कम कर बड़े एवं व्यवस्थित सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा है।