Uttarakhand

फर्जी आईपीएस बनकर लाखों की ठगी करने वाला आरोपित गिरफ्तार

देहरादून, 16 जुलाई । देहरादून पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, रॉ एजेंट और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से विभिन्न एजेंसियों के फर्जी पहचान पत्र, विजिटिंग कार्ड, वर्दियां, पुलिस और सेना के लोगो, वायरलेस सेट तथा लैपटॉप बरामद किए गए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना राजपुर पुलिस ने मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे से 35 वर्षीय आर. यशोवर्धन, पुत्र एस. रामास्वामी, निवासी ऑफिसर्स रेजिडेंशियल कॉलोनी, गढ़ी कैंट को गिरफ्तार किया।

पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रमोद कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपित ने स्वयं को एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी का पुत्र बताया। उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था, लेकिन कई वर्षों तक संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर उसने फर्जी अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करना शुरू कर दिया।

पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई को डाकरा निवासी अंशुल उपाध्याय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए उनकी दिवंगत मां के नाम पर कंपनी का शीघ्र पंजीकरण कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपये की ठगी की। इसके बाद 15 जुलाई को एक अन्य पीड़िता डॉ. अनुषा ने शिकायत दी कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4.60 लाख रुपये हड़प लिए।

दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपित को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह फर्जी पहचान पत्र, विजिटिंग कार्ड और वर्दियों का इस्तेमाल कर लोगों पर प्रभाव जमाता था और नौकरी, टेंडर और अन्य सरकारी कार्य शीघ्र कराने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठता था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पांच फर्जी पहचान पत्र, आठ फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना के 25 लोगो, सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों की तीन जोड़ी वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट और एक लैपटॉप बरामद किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके द्वारा की गई अन्य धोखाधड़ी के मामलों की भी जांच कर रही है।