एसीबी ने तैयार की हरियाणा में 140 महाभ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची
चंडीगढ़, 22 जुलाई । हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला ने कहा है कि ब्यूरो ने पूरे प्रदेश में ऐसे 140 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पहचान कर सूची तैयार की है, जिनके बारे में लगातार शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि वे बिना रिश्वत लिए सरकारी कार्य नहीं करते। उन्होंने कहा कि यह सूची किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनता को राहत दिलाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
चावला बुधवार को पंचकूला स्थित ब्यूरो मुख्यालय में सभी प्रदेश की सभी रेंज के पुलिस अधीक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों पर रिपोर्ट जारी की गई। चावला ने भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची के बारे में स्पष्ट किया कि यह सूची पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से तैयार की गई है। यदि किसी रेंज के अधिकारियों के पास ऐसे अन्य भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जानकारी है, तो वे एक सप्ताह के भीतर सूची को अपडेट कर मुख्यालय भेजें, ताकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। चावला ने कहा कि ब्यूरो का उद्देश्य केवल रिश्वतखोरों को पकडऩा ही नहीं, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को इस लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में शिकायतकर्ता के विश्वास पर ही पूरी कार्यप्रणाली आधारित है। यदि कोई व्यक्ति साहस दिखाकर भ्रष्टाचार की शिकायत करता है, तो उसकी सुरक्षा, गोपनीयता और सम्मान सुनिश्चित करना ब्यूरो का दायित्व है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखें, समय-समय पर उनसे मिलें तथा ट्रैप कार्रवाई से लेकर न्यायालय में दोषियों को सजा दिलाने तक प्रत्येक स्तर पर उनकी सहायता करें।
उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ता को यह भरोसा होगा कि ब्यूरो उसके साथ खड़ा है, तो अधिक से अधिक नागरिक भ्रष्टाचार के विरुद्ध आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रैप की सफलता केवल आरोपी को रंगे हाथ पकडऩे तक सीमित नहीं होती, बल्कि दोषियों को सजा दिलाना भी उतना ही आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि जनवरी 2022 से जून 2026 तक ब्यूरो ने कुल 92 ट्रैप/रेड की हैं। इन अभियानों में अनेक भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
दो से पांच लाख के साथ रिश्वतखोर को पकडऩे पर मिलेगा क्लास-1 सर्टिफिकेट
अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से चावला ने घोषणा की कि जो अधिकारी 2 लाख या उससे ज़्यादा राशि की रिश्वत लेते हुए आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार करेंगे, उन्हें क्लास-1 सर्टिफिकेट’ देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भविष्य में भी सम्मानित किया जाएगा ताकि पूरी टीम अधिक उत्साह और समर्पण के साथ कार्य करे।
बैठक के दौरान भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वर्ण एवं रजत पदकों से सम्मानित किया गया।

