Rajasthan

पंचायत-निकाय चुनाव से पहले राजस्थान प्रशासनिक सेवा में बड़ा फेरबदल, 183 आरएएस अधिकारियों का तबादला

जयपुर, 11 अगस्त । निकाय चुनावों से पहले राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 183 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। तबादला सूची में मुख्यमंत्री के ओएसडी योगेश श्रीवास्तव, आरएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर खराड़ी और चर्चित आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। वहीं ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर के विशेष सहायक कालूराम समेत तीन आरएएस अधिकारियों को एपीओ किया गया है।

तबादलों में उन अधिकारियों को भी बदला गया है, जो तीन साल से एक ही स्थान पर तैनात थे या अपने गृह जिले में पदस्थापित थे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसे अधिकारियों के तबादले के निर्देश दिए जाने के बाद यह प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।

तबादला सूची में मुख्यमंत्री के ओएसडी योगेश श्रीवास्तव का नाम भी शामिल है। उन्हें गंगानगर शुगर मिल्स के महाप्रबंधक के पद पर लगाया गया है। वहीं आरएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर खराड़ी का भी तबादला किया गया है। खराड़ी को टोंक एपीआरटीएस के प्रिंसिपल पद से हटाकर अतिरिक्त आयुक्त, जनजाति क्षेत्रीय विकास (टीएडी) उदयपुर लगाया गया है।

ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर के एसए कालूराम का भी तबादला किया गया है। उनकी जगह पंचायती राज विभाग में अतिरिक्त आयुक्त एवं उप सचिव के पद पर तैनात त्रिलोकचंद मीणा को मंत्री का एसए बनाया गया है। वहीं कालूराम को तबादले के साथ एपीओ किया गया है। इसके अलावा एसडीओ सीकरी मोनिका सामारे और एसडीओ जैसलमेर रामलाल मीणा को भी एपीओ किया गया है।

इस तरह कुल तीन आरएएस अधिकारियों को एपीओ किया गया है।

चर्चित आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा का करीब सवा महीने में दूसरी बार तबादला किया गया है। जून में बहाली के बाद उन्हें प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग में सहायक निदेशक सवाई माधोपुर के पद पर पोस्टिंग मिली थी। उन्होंने एक जुलाई को सवाई माधोपुर में जॉइन किया था। अब उनका तबादला कर सहायक कलेक्टर मुख्यालय दौसा के पद पर लगाया गया है।

पिंकी मीणा वर्ष 2021 के हाईवे घूसकांड मामले में निलंबित हुई थीं और बाद में कोर्ट के आदेश के बाद बहाल हुई थीं।

सरकार ने चार आरएएस अधिकारियों के पूर्व में किए गए तबादले भी निरस्त किए हैं। इनमें चंद्रभान सिंह भाटी, नंदकिशोर राजोरा, दिनेश कुमार मीणा और रणछोड़ लाल शामिल हैं। इनके अलग-अलग पदों पर किए गए तबादलों को निरस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।

तबादला किए गए अधिकारियों को नई जगह तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार अधिकारियों को नई पोस्टिंग पर जॉइन करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। निकाय चुनावों को देखते हुए इसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद तीन साल से एक ही स्थान पर तैनात और गृह जिले में पदस्थ अधिकारियों को बदले जाने की प्रक्रिया तेज हुई है।