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राजगढ़ः जन्माष्टमी पर 151 लड्डू गोपाल बांटे, बहनों ने मंत्री टेटवाल को बांधी राखी, बदले में मिला पौधा

राजगढ़, 04 सितम्बर । मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों की भी झलक देखने को मिली। नगर के श्रीराम भक्त हनुमान मंदिर भोजपुरिया में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक, पूजन-अर्चन और आरती की गई। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूजन के बाद कौशल विकास एवं रोजगार विभाग राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, सांसद रोडमल नागर और नगर परिषद अध्यक्ष विकास करोड़िया ने श्रद्धालुओं को 151 लड्डू गोपाल वितरित किए।

राज्यमंत्री टेटवाल और मुख्य यजमान स्वप्निल मंगल की मौजूदगी में पंडित इंद्रजीत पाराशर ने विधि-विधान से अभिषेक कराया। मंत्रोच्चार और आरती के दौरान मंदिर परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि जन्माष्टमी सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं। सांसद रोडमल नागर ने कहा कि जन्माष्टमी जैसे पर्व नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का माध्यम हैं। ब्रह्माकुमारी वैशाली दीदी ने प्रेम, शांति, सत्य और श्रेष्ठ कर्मों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

नगर परिषद अध्यक्ष विकास करोड़िया ने भी आयोजन को सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया। राखी बांधी तो मंत्री ने बहनों को पौधे दिए इस अवसर पर राठी मांगलिक परिसर में जिला स्तरीय लाड़ली बहना रक्षा बंधन महोत्सव आयोजित हुआ। बड़ी संख्या में लाड़ली बहनों ने मंत्री गौतम टेटवाल की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। भावुक हुए मंत्री ने कहा, आप सभी मेरी बहनें हैं और आपका भाई हमेशा आपके लिए तैयार है। आपकी सेवा और सम्मान मेरा दायित्व है।

कार्यक्रम में पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए विशेष पहल की गई। बहनों ने मंत्री को राखी बांधी तो मंत्री ने प्रत्येक बहन को पौधा भेंट किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी तरह सभी को प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। मंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की सहभागी और नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए काम कर रही है। लाड़ली बहना सहित महिला कल्याण की योजनाओं से महिलाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण बढ़ा है। कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी सहभागिता रही और धार्मिक पर्व के साथ महिला सम्मान व पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।