राजस्थान की मिट्टी की खुशबू पहुंचेगी स्विट्जरलैंड: ‘धोद’ की लोक प्रस्तुतियां होंगी आकर्षण
जयपुर, 01 अक्टूबर । राजस्थान की लोक संस्कृति अब स्विट्जरलैंड के बड़े सार्वजनिक सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी छाप छोड़ेगी। स्विट्जरलैंड के मार्टिग्नी शहर में 2 से 11 अक्टूबर तक होने वाले फोयर दु वले 2026 में 66 वर्षों के इतिहास में पहली बार भारत को ‘अतिथि सम्मानित देश’ के रूप में चुना गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर राजस्थान के लोक कलाकार एवं तबला वादक रहिस भारती के नेतृत्व वाला अंतरराष्ट्रीय लोक संगीत एवं नृत्य समूह ‘धोद’ भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। महोत्सव में करीब 2.5 लाख दर्शकों के पहुंचने का अनुमान है।
संस्कृति, संगीत, पर्यटन, खान-पान और व्यापार के इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘धोद’ राजस्थान की लोक कला, लोक संगीत और लोक नृत्य की विविध परंपराओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। कलाकारों की प्रस्तुतियों के जरिए राजस्थान की पारंपरिक लोक धुनों, नृत्य और ग्रामीण संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।
फोयर दु वले में भारत को अतिथि सम्मानित देश का दर्जा मिलना भारतीय संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इसके साथ ही राजस्थान की लोक परंपराओं और ग्रामीण कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने का भी यह बड़ा अवसर है। रहिस भारती और ‘धोद’ राजस्थान की लोक संस्कृति, पारंपरिक सुरों और नृत्य की समृद्ध विरासत को स्विट्जरलैंड के दर्शकों तक पहुंचाएंगे।
रहिस भारती पिछले 26 वर्षों से राजस्थान की लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के प्रयास में जुटे हैं। उनके नेतृत्व में ‘धोद’ अब तक 119 देशों में प्रस्तुतियां दे चुका है। भारती ने राजस्थान के दूर-दराज के गांवों से पारंपरिक लोक कलाकारों को तलाशकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराया। उनके प्रयासों से सैकड़ों ग्रामीण कलाकारों को विदेशों में प्रस्तुति देने का अवसर मिला और उन्हें वैश्विक पहचान के साथ आर्थिक सशक्तिकरण तथा सम्मानजनक आजीविका भी मिली।
स्विट्जरलैंड जाने वाले दल में रहिस भारती, सुशीला कालबेलिया, अफरीदी भारती, मोरू सपेरा, मोइनुद्दीन खान, इकबाल खान, तनवर लाल, इमरान लंगा, अब्दुल सत्तार खान, मोहम्मद रमजान, जाकिर, अयूब और सिकंदर मिरासी सहित कलाकार शामिल हैं।
‘धोद’ समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित ‘नमस्ते फ्रांस’ सहित कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है। समूह ने फ्रांस के राष्ट्रपति तथा ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के डायमंड जुबली समारोह में भी प्रस्तुति दी है। वर्तमान में ‘धोद’ करीब नौ माह से यूरोप के सांस्कृतिक दौरे पर है।
फोयर दु वले में भारत को मिले अतिथि सम्मान के जरिए राजस्थान की लोक संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलने के साथ ग्रामीण कलाकारों की प्रतिभा और परंपरागत लोक कलाओं को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

