हिसार में सार्वजनिक शिक्षा बचाने के लिए अध्यापकों ने किया सत्याग्रह
अध्यापक संघ की जिला इकाई ने सार्वजनिक शिक्षा को बचाने की मांग पर सत्याग्रह किया।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से संबंधित संघ के जिला
प्रधान प्रमोद जांगड़ा की अध्यक्षता में शुक्रवार काे आयोजित सत्याग्रह का संचालन जिला सचिव विनोद
प्रभाकर ने किया। अध्यापकों ने केंद्र व हरियाणा सरकार की शिक्षा नीतियों पर सवाल उठाते
सत्याग्रह के दौरान वक्ताओं ने केंद्र व हरियाणा सरकार की नई शिक्षा नीति को
जनविरोधी बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की। उन्होंने सभी कच्चे कर्मचारियों, अतिथि
अध्यापकों तथा विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को नियमित करने की मांग उठाई। साथ ही
शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गई।
वक्ताओं ने कहा कि जन शिक्षा अधिकार कानून लागू होने से पहले नियुक्त किए गए
अध्यापकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने पुरानी पेंशन
व्यवस्था बहाल करने, सरकारी स्कूल बंद करने की बजाय जनसंख्या के अनुपात में नए विद्यालय
खोलने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने तथा सार्वजनिक ढांचे का विस्तार करने की मांग
की। इसके अलावा महंगाई पर रोक लगाने और निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग
राज्य उपप्रधान अलका और पवन कुमार ने बताया कि स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया
के आह्वान पर 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान जंतर-मंतर पर अनशन भी किया जाएगा।
सत्याग्रह को पूर्व सांसद सुहासिनी अली ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि
विद्यालय बंद करने की नीतियों का सबसे अधिक असर वंचित वर्गों और लड़कियों पर पड़ेगा।
उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति
इस अवसर पर राजकीय अतिथि अध्यापक संघ-41 की राज्य कमेटी सदस्य रेखा देवी, जिला
दलबीर भादू, सुभाष शर्मा, राजेश जागलान, नरेंद्र कुमार, अशोक यादव, राजेंद्र कुमार,
कृष्ण भर्री, अशोक शर्मा, फकीर चंद, राजेश मेहरा, सविता देवी, सतबीर सिंह, कांता हुड्डा
तथा सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला सचिव ओमप्रकाश माल सहित अन्य कर्मचारी व शिक्षक

