शंघाई मास्टर्स: चीन ओपन में अयोग्य घोषित होने के बाद मेदवेदेव की जीत से वापसी
शंघाई, 10 अक्टूबर । रूस के दानिल मेदवेदेव ने चीन ओपन के सेमीफाइनल में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद अपने पहले मुकाबले में जीत दर्ज करते हुए शंघाई मास्टर्स के तीसरे दौर में जगह बना ली। पांचवीं वरीयता प्राप्त मेदवेदेव ने शनिवार को जर्मनी के यान-लेनार्ड स्ट्रफ को तीन सेट तक चले मुकाबले में 4-6, 6-4, 6-3 से हराया। मुकाबला एक घंटे 52 मिनट तक चला।
विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज मेदवेदेव ने इस जीत के दौरान 21 एस लगाए। इसके साथ ही उन्होंने स्ट्रफ के खिलाफ अपने आमने-सामने के मुकाबलों में बढ़त 10-2 कर ली।
मेदवेदेव ने कहा, “जब मैंने उनकी सर्विस तोड़ी, तब मुझे लगा कि मैं यह मुकाबला जीत सकता हूं।” निर्णायक सेट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। तीसरे सेट के छठे गेम में बेहतरीन बैकहैंड वॉली लगाकर उन्होंने 4-2 की बढ़त हासिल की और अंततः मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मेदवेदेव ने कोर्ट की परिस्थितियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि शंघाई का कोर्ट बीजिंग से अलग था और उसके अनुरूप ढलने में उन्हें थोड़ी परेशानी हुई।
चीन ओपन में दर्शक को गेंद लगने पर हुए थे अयोग्य घोषित
पूर्व विश्व नंबर एक मेदवेदेव को चीन ओपन के सेमीफाइनल में नोवाक जोकोविच के खिलाफ मुकाबले के दौरान अयोग्य घोषित कर दिया गया था। उस समय जोकोविच 7-5, 5-3 से आगे थे और मैच के लिए सर्विस कर रहे थे। शुरुआती अंक गंवाने के बाद मेदवेदेव ने गेंद दर्शकों की ओर मारी, जो अग्रिम पंक्ति में बैठे एक दर्शक की आंख में जा लगी। इस घटना के बाद मेदवेदेव को मुकाबले से बाहर कर दिया गया। सेमीफाइनल तक पहुंचने पर मिलने वाली 2,85,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि भी उनके हाथ से निकल गई। बाद में उन्होंने संबंधित दर्शक से माफी मांगी।
मेदवेदेव अब तीसरे दौर में चेक गणराज्य के क्वालीफायर डालिबोर स्व्रचिना या अर्जेंटीना के 28वीं वरीयता प्राप्त टॉमस मार्टिन एचेवेरी में से किसी एक से भिड़ेंगे। मेदवेदेव फिलहाल एटीपी फाइनल्स की लाइव रेस में आठवें स्थान पर हैं। वह साल के अंत में होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए सातवीं बार क्वालीफाई करने के लक्ष्य के साथ खेल रहे हैं। पिछले साल वह इस प्रतियोगिता में जगह बनाने से चूक गए थे।


