जीएसटी अनियमितताओं पर वाणिज्यिक कर विभाग की कार्रवाई: 1.43 करोड़ से अधिक की राशि जमा और आईटीसी रिवर्स
जयपुर, 22 अक्टूबर । वाणिज्यिक कर विभाग ने प्रदेशभर में किराना, निर्माण, मार्बल, हार्डवेयर और लुब्रिकेंट कारोबार से जुड़े आठ प्रतिष्ठानों पर सर्वे की कार्रवाई की। इसमें 1.43 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा कराने और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रिवर्स कराने की कार्रवाई हुई। जांच में कारोबार छिपाने, कर भुगतान में अंतर, गलत आईटीसी लेने और ई-इनवॉइस जारी नहीं करने जैसी संभावित अनियमितताएं सामने आई हैं।
जयपुर के सी-स्कीम स्थित मैसर्स एजीआरएस वेंचर्स एलएलपी ने अचल संपत्ति निर्माण से संबंधित आईटीसी की जांच के दौरान 99.76 लाख रुपए स्वेच्छा से रिवर्स किए।
अलवर के मालाखेड़ा स्थित मैसर्स नरेश जनरल स्टोर और संबंधित फर्मों में स्टॉक सत्यापन के बाद 10.67 लाख रुपये जमा कराए गए। वहीं, मुंगस्का स्थित मैसर्स भव्य लुब्रिकेंट्स ने कारोबार छिपाने के संदेह में हुई कार्रवाई के बाद 14.03 लाख रुपये जमा कराए।
सीकर के दांतारामगढ़ स्थित मैसर्स पी.आर.के. कंस्ट्रक्शन कंपनी के वित्त वर्ष 2024-25 के रिकॉर्ड में करीब 19.90 लाख रुपये का अंतर मिला। विभाग रिवर्स चार्ज के तहत कर भुगतान, आईटीसी दावों और पांच करोड़ रुपए से अधिक कारोबार के बावजूद ई-इनवॉइस जारी नहीं करने के बिंदुओं की जांच कर रहा है। रींगस स्थित मैसर्स शिव हार्डवेयर एंड जनरल स्टोर में भी कर दरों और कारोबार से जुड़ी विसंगतियां मिलीं। यहां करीब 10 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता का अनुमान है। संबंधित दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है।
बारां स्थित मैसर्स पीयूष स्टोन्स के गोदाम में स्टॉक सत्यापन के दौरान दस्तावेज जब्त किए गए। कारोबारी ने पांच लाख रुपए जमा कराने पर सहमति जताई, जिसमें से 2.03 लाख रुपए जमा कराए गए। शेष देयता जांच के बाद तय होगी।
इसके अलावा बिक्री छिपाने और अधिक आईटीसी इस्तेमाल करने की आशंका से जुड़े एक मामले में 10.21 लाख रुपए डीआरसी-03 के माध्यम से नकद जमा कराए गए। 14 अक्टूबर की एक अन्य कार्रवाई में सात लाख रुपए कैशबुक में जमा कराए गए।
विभाग ने संबंधित कारोबारियों को अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए समन जारी किए हैं। जब्त दस्तावेजों, स्टॉक, खरीद-बिक्री के बिलों और जीएसटी विवरणियों का मिलान कर वास्तविक कर देयता तय की जाएगी। विभाग ने कहा कि कर चोरी और जीएसटी नियमों के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।


