पाकिस्तान के ग्वादर में विस्फोट से दहशत, बीएलएफ ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अलमास’
ग्वादर, 23 अक्टूबर । पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के तटीय शहर ग्वादर में गुरुवार को जोरदार विस्फोट और उसके बाद गोलीबारी की खबर सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोटकों से लदे एक वाहन के जरिए पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया। इस बीच, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने ग्वादर जिले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर कई हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए ‘ऑपरेशन अलमास’ शुरू करने का दावा किया है।
हालांकि, विस्फोट, गोलीबारी और हमलों में हुए नुकसान को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। हताहतों की संख्या और सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गुरुवार को ग्वादर में एक जोरदार धमाका सुनाई दिया, जिसके बाद गोलीबारी की आवाजें आईं। बताया जा रहा है कि विस्फोट की गूंज सुर और पिशुकन इलाकों तक सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से आई शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया है कि धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कुछ घरों की खिड़कियां टूट गईं और लोगों ने जमीन में कंपन महसूस किया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विस्फोटकों से लदे वाहन का इस्तेमाल सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने के लिए किया गया। हालांकि, घटना के सटीक घटनाक्रम, हमले की जिम्मेदारी और संभावित नुकसान के बारे में अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बीएलएफ ने एक बयान जारी कर ग्वादर जिले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और उनसे जुड़े ठिकानों पर कई हमले करने का दावा किया है। संगठन के प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच के अनुसार, 22 अक्टूबर को ग्वादर जीरो पॉइंट स्थित फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (एफडब्ल्यूओ) के मुख्य शिविर को निशाना बनाया गया।
प्रवक्ता ने दावा किया कि इस अभियान में संगठन की ‘सड्डो ऑपरेशनल बटालियन’ (एसओबी) और अन्य इकाइयों के लड़ाके शामिल थे। संगठन ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर झड़पें जारी हैं और उसने इन्हें ‘ऑपरेशन अलमास’ नाम दिया है। अपने दूसरे बयान में दावा किया कि ग्वादर में हुई झड़पों के दौरान पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) के एक कैप्टन और स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (एसएसजी ) के कई जवान मारे गए हैं।
संगठन ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाकों ने ग्वादर जीरो पॉइंट स्थित एफडब्ल्यूओ शिविर पर कब्जा कर वहां अपना झंडा फहरा दिया। इसके अलावा, मजानी पुलिस स्टेशन पर कब्जा करने और वहां से सरकारी हथियार तथा अन्य उपकरण कब्जे में लेने का दावा भी किया गया है। इन झड़पों में एक पुलिस अधिकारी की भी मौत हुई है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बीएलएफ ने गाबद इलाके में पाकिस्तानी सेना के एक काफिले पर हमला करने की जिम्मेदारी भी ली है। संगठन का दावा है कि हमले में एक वाहन नष्ट हो गया और कई सैन्यकर्मी मारे गए या घायल हुए। इसके साथ ही, समूह ने गाबद क्रॉस पर स्थित एक पुलिस चौकी पर कब्जा करने का दावा किया है। संगठन ने कहा कि ‘ऑपरेशन अलमास’ कई स्थानों पर जारी है और अभियान पूरा होने के बाद हताहतों तथा नुकसान का विस्तृत आकलन जारी किया जाएगा।
बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमलों का सामना कर रहा है। इस प्रांत में सक्रिय बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट समेत कई सशस्त्र संगठन पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करते रहे हैं।
ग्वादर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर है और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के लिहाज से भी इसका खास महत्व है। ऐसे में यहां सैन्य ठिकानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमलों की खबरें क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं।
फिलहाल, ग्वादर में कथित हमलों के वास्तविक पैमाने, हताहतों की संख्या और बीएलएफ के कब्जे संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। स्थिति को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।


