जबलपुर में दूषित पेयजल का मामला: एनजीटी में जांच रिपोर्ट को चुनौती, 8 जनवरी को अगली सुनवाई
जबलपुर, 05 नवंबर । जबलपुर में दूषित पेयजल की समस्या को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेंट्रल जोन बेंच में सुनवाई हुई। जस्टिस शिव कुमार सिंह और एक्सपर्ट मेंबर सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता डॉ. पीजी नाजपांडे, रजत भार्गव और उनके अधिवक्ता प्रभात यादव ने नगर निगम, जिला प्रशासन एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त जांच रिपोर्ट को भ्रामक बताया।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि शहर की करीब 60 प्रतिशत पेयजल पाइपलाइनें 40 से 50 वर्ष पुरानी हैं और नालियों से होकर गुजरती हैं। लीकेज के कारण गंदा पानी पेयजल में मिल रहा है। वहीं, एक नवंबर 2026 को पेश जांच रिपोर्ट में प्रशासन ने पाइपलाइनों को नालियों से दूर बताते हुए पानी की गुणवत्ता संतोषजनक होने का दावा किया था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एनजीटी के याचिकाकर्ताओं को रिपोर्ट पर बिंदुवार आपत्ति दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई आठ जनवरी 2027 को होगी।


