कशी में भागवत की पुकार: IIT-IIM के छात्रों-प्रोफेसर्स को गांव जाने की अपील!
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत हाल ही में काशी दौरे पर हैं। इससे पहले, उन्होंने 30 मार्च को नागपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उनकी काशी यात्रा पांच दिनों की है, जिसमें उन्होंने हिंदुत्व को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के विभिन्न पंथ, जातियाँ और समुदाय एकजुट हों। उनका यह भी कहना था कि श्मशान, मंदिर और जल सभी हिंदुओं के लिए एक होना चाहिए, और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
भागवत ने अपने प्रवास के दौरान IIT-BHU में 94 आईआईटियन्स और 28 प्रोफेसरों से बातचीत की। इस संवाद के दौरान, उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे समय निकालकर गांवों की ओर अवश्य जाएं। वे उत्तर प्रदेश की सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों में संघ की शाखाएं स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अपनी बात के दौरान चार प्रमुख संदेश दिए हैं। पहले, हिंदू जातियों में बंटने का कोई कारण नहीं है। दूसरे, संघ की गतिविधियाँ गांवों में बढ़ानी चाहिए। तीसरे, शिक्षित युवाओं को संघ से जोड़ा जाना चाहिए। और चौथे, 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और संघ का कोई एक स्वरूप होना चाहिए।
संघ का मानना है कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ ने हिंदुत्व को एक नई दिशा दी है। इस महाकुंभ में 66.23 करोड़ लोगों की भागीदारी ने सभी जातियों को एकजुटता की ओर अग्रसर किया। मोहन भागवत ने जातियों से ऊपर उठने और एकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में कई विघटनकारी शक्तियाँ सक्रिय हैं, और सभी को एकजुट होकर इनका सामना करना चाहिए।
भागवत काशी के साथ-साथ मिर्जापुर, गाजीपुर, और सोनभद्र भी गए, जहां उन्होंने नए स्वयंसेवकों से बात की। उन्होंने ग्राम पंचायतों में संघ की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया। उनका कहना था कि यदि हम हर गांव में 100 युवाओं को संघ की विचारधारा से जोड़ते हैं, तो जातीय और सामाजिक असमानता को खत्म करने में मदद मिलेगी।
मोहन भागवत ने काशी में युवाओं के साथ बातचीत के दौरान कहा कि अब संघ को अधिक से अधिक युवाओं को अपने साथ जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों जैसे संस्थानों में संघ के विचारों का प्रसार करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जातीय तथा सामाजिक असमानता का सबसे ज्यादा सामना ग्रामीण क्षेत्रों में करना पड़ता है, और यदि संघ के सदस्य बढ़ते हैं, तो इसका समाधान किया जा सकता है।
आखिरकार, भागवत ने यह संदेश भी स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी और संघ में एकता का संदेश देना आवश्यक है। पं. नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ की गतिविधियों की सराहना की है, जो संकेत देता है कि संघ और भाजपा एक समर्पित मंच पर एकजुट हैं। इसी के साथ, भागवत ने काशी विश्वनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना भी की और छात्रों से संघ की भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त की। उनकी यात्रा और संवाद से यह संकेत मिलता है कि संघ अपनी रणनीतियों में सक्रियता लाते हुए व्यापक स्तर पर समाज में परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहा है।

