Rajasthan

सरकारी नौकरी के सपने में 90 लाख की ठगी: जॉब और ट्रेनिंग के नाम पर धोखा!

राजस्थान में बेरोजगार युवाओं को बिना परीक्षा सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगने वाली एक फर्जी गैंग का खुलासा हुआ है। यह गैंग इतने प्रभावशाली तरीके से काम कर रही थी कि हजारों युवाओं को अपने जाल में फंसा चुकी थी, जिससे कई लोग आर्थिक संकट में भी फंस चुके हैं। दैनिक भास्कर की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस गैंग ने सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापनों के माध्यम से योग्य युवाओं को अपने जाल में फंसाया। रिपोर्ट के अनुसार, यह ठगी केवल राजस्थान तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे देश में फैली हुई थी।

भास्कर रिपोर्टर ने इस गैंग की गतिविधियों को उजागर करने के लिए एक महीने तक गहन जांच की। उन्होंने खुद को बेरोजगार बताकर गैंग के संपर्क में आए, जिसमें ठगों ने उन्हें आला अफसर बताते हुए इंटरव्यू और डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन का दिखावा किया। यहां तक कि जब रिपोर्टर ने दिव्यांग होने का दावा किया, तब भी गैंग ने नौकरी की गारंटी देने से पीछे नहीं हटी और पैसे की मांग की। जब पैसे ट्रांसफर करने से इनकार किया गया, तो ठगों ने परेशान करने और केस करने की धमकी दी।

एक अन्य मामले में, ठगों ने हनुमानगढ़ में एक युवक से स्लोवाकिया में नौकरी का झांसा देकर 3 लाख 60 हजार रुपए ठग लिए। ठगों ने किए गए विज्ञापनों में नौकरी की गारंटी दी थी, जिसके बाद कई युवा उन पर विश्वास करके संपर्क में आए और अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठे। ठग लोग एक भरोसेमंद गर्वनमेंट एंप्लॉई के रूप में पेश होकर इंटरव्यू की प्रक्रिया का नाटक करते थे, जिससे युवा और अधिक फंसते गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के फर्जी ठगों का नेटवर्क दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। यह गैंग अपने शिकार को पहले तो फंसाने में सफल हो जाती है, फिर कई फर्जी तरीके अपनाकर पैसे निकाल लेती है। जाल में फंसे पीड़ितों ने भास्कर को बताया कि उन्होंने घरों और जमीनों को गिरवी रखकर पैसे दिए, उम्मीद के बावजूद उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली। कई मामलों में तो गुलेल पार कर भी लोगों को डराने-धमकाने की स्थिति में ठग दिखे हैं।

इस ठगी के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, और राजस्थान पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। अधिकारी पीड़ितों से मिले हैं और मामले के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात की है। ठगी के इस मामलों की गंभीरता को देखते हुए, सामाजिक जागरूकता एवं गंभीरता से प्रशासन को इस बात को समझना होगा कि भविष्य में ऐसे मामलों से कैसे बचा जा सके। इन सभी ठगों का पकड़ना और युवाओं को उचित जानकारी देना बहुत आवश्यक है।