सरकारी शिक्षिका-शिक्षक की गिरफ्तारी: डेढ़ साल से लापता युवक की हत्या का रहस्य!
फलोदी जिले की देचू पुलिस ने लगभग डेढ़ साल पुरानी एक हत्या के मामले का पर्दाफाश करते हुए एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका और उसके प्रेमी, जो कि खुद एक सरकारी शिक्षक है, को हिरासत में लिया है। यह मामला उस समय सामने आया जब पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया और वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। देचू थानाधिकारी शिवराज सिंह भाटी ने जानकारी दी कि चूरू के निवासी जुगराज पुत्र पूरणमल वाल्मीकि ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी।
जुगराज ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके बेटे नीतेंद्र राज, जिसे प्रदीप के नाम से भी जाना जाता है, ने 5 नवंबर 2023 को परीक्षा देने के लिए जोधपुर के लिए ट्रेन पकड़ी थी। इसके बाद, 7 नवंबर को नीतेंद्र का मोबाइल फोन जयपुर से जैसलमेर जाने वाली एक निजी बस के परिचालक को मिला। पुलिस को यह सूचना भी मिली कि नीतेंद्र 6 नवंबर को एक लड़की के साथ देचू में उतरा था, जिससे यह साफ होता है कि उसे जबरन देचू आने के लिए बुलाया गया था।
गौरतलब है कि इस मामले में अब आरोपी बनाए गए शिक्षकों में ममता मीना, जो कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामसरी, डेगाना, नागौर की अध्यापिका है, और करण मीणा, जो कि खोरालाड़ा खाना पी एस मनोहरपुर, जयपुर में अध्यापक है, का नाम सामने आया है। इन दोनों ने मिलकर नीतेंद्र की हत्या की और सबूतों को नष्ट किया। बाद में, 15 दिसंबर 2023 को उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। नवंबर में, नीतेंद्र का कंकाल जोधपुर से जैसलमेर जाने वाले राजमार्ग 125 के मोहनपुरी बाबा मंदिर के पीछे मिला था, जिसने इस मामले को और जटिलता में डाल दिया।
पुलिस ने जांच के दौरान इस बात का पता लगाया कि नीतेंद्र की हत्या के साथ-साथ सबूतों को नष्ट करने की हरकत भी की गई थी। इस आधार पर, आरोपी शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें बालेसर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई ने इस मामले में महत्वपूर्ण प्रगति दिखाई है और यह स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह के अपराध में शामिल लोग चाहे कितने भी शक्तिशाली या प्रभावशाली क्यों न हों, वे कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।
इस हत्या प्रकरण ने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के खिलाफ लोगों के मन में खौफ पैदा कर दिया है। पुलिस अब इस मामले की और अधिक गहराई से जांच कर रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी समानांतर तथ्य सामने आएं और न्यायिक प्रक्रिया का सही ढंग से पालन किया जा सके। इस प्रकार की घटनाएं समाज में अनिश्चितता और भय का माहौल उत्पन्न करती हैं, जिसके खिलाफ सभी को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।

