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यूपी में ई-वाहन बिक्री में नंबर वन, पर चार्जिंग स्टेशन में तीसरे स्थान पर; क्या होगा आगे?

उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है, जहां कुल 2,137 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में यह राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके चार्जिंग नेटवर्क में निरंतर विस्तार हो रहा है। इस मामले में कर्नाटक पहले स्थान पर है, जहां 5,000 से अधिक चार्जिंग स्टेशन हैं, जबकि दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र है। इस तरह, उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अप्रैल 2023 के पहले हफ्ते में ऊर्जा मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में टीयर-3 शहरों में पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या टीयर-2 शहरों से अधिक है। यहाँ टीयर-3 शहरों में 1,381 चार्जिंग स्टेशन हैं, जबकि टीयर-2 शहरों में मात्र 756 स्टेशन स्थापित हैं। इस आंकड़े से स्पष्ट होता है कि छोटे शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तेजी से हो रहा है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के मामले में, उत्तर प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। 2023 में, उत्तर प्रदेश ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 14 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ देश में पहले स्थान पर आ गया है। राज्य में सबसे अधिक बिक्री तीन पहिया वाहनों की है, जो कुल बिक्री का 40 फीसदी हिस्सा बनाते हैं। केंद्रीय सरकार ने फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME) योजना के तहत सब्सिडी प्रदान की थी, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के नौ प्रमुख शहरों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2019 में इलेक्ट्रिक वाहनों के इकोसिस्टम के लिए नई पॉलिसी लॉन्च की। इसके बाद 2022 में इसे अपडेट किया गया, जिसमें पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों को सस्ती दरों पर स्थापित करने के लिए प्रावधानों को शामिल किया गया। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिसमें दोपहिया वाहनों पर 5,000 रुपये और चार पहिया वाहनों पर 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है।

राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए निजी कंपनियों के साथ साझेदारी की है। इस प्रक्रिया में अडानी ग्रुप, हिंदुजा ग्रुप और टाटा पावर्स जैसे संस्थानों के साथ करार किया गया है। इन चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण हाइवे, एक्सप्रेस-वे और अन्य शहरी क्षेत्रों में किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के 17 शहरों में ग्रीन रूट का विकास 2025 तक किया जाएगा, जहां केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग होगा।

इसके साथ ही भारत की इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की स्थिति भी तेजी से विकसित हो रही है। मार्केट रिसर्च के अनुसार, 2024 में बिक्री में 20 फीसदी की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इससे स्पष्ट है कि भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में अग्रसर है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो भारत 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों का सबसे बड़ा बाजार बनने की संभावनाएं रखता है।