शाजापुरः पार्थिव देह पर राखी बांधकर बहनों ने दी भाई को विदाई
अंतिम यात्रा में पूरा शहर उमड़ा शहीद के बड़े भाई अंकित सेन ने बताया कि 6 अगस्त बुधवार को उन्हें बटालियन से फोन आया था। बताया गया था कि मोहित की एक्सीडेंट में मौत हो गई है। शनिवार सुबह 7.30 बजे मोहित की पार्थिव देह फ्लाइट से भोपाल लाई गई। फिर सड़क मार्ग से अकोदिया थाने पहुंची। शहीद की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें पूरा शहर उमड़ पड़ा। लोग बाइक पर तिरंगा हाथ में लेकर देश भक्ति के गीतों के साथ चले। यात्रा शहीद के निवास ग्राम रानी बड़ौद पहुंची।
भाई ने जल्दी लौटने का कहा था मोनिका, राधिका, सोनिका तीनों मोहित के चाचा की बेटियां हैं। बहनों ने रोते हुए बताया कि मोहित भैया बहुत अच्छे थे। जब भी छुट्टी पर आते थे हमारे लिए कुछ न कुछ लेकर आते थे। 1 महीने पहले भी आए थे। तब उन्होंने कहा था कि मैं जल्दी वापस आऊंगा। भाई की शादी की तैयारी चल रही थी। उनके मम्मी-पापा की इच्छा थी कि भाई की शादी धूमधाम से हो।
शहीद को दिया गार्ड ऑफ ऑनर शहीद मोहित सेन को उनके गृह ग्राम रानी बड़ोद में अंतिम विदाई दी गई। मुक्ति धाम पर 120 बटालियन के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शहीद को सलामी दी। इस दौरान विधायक घनश्याम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष शाजापुर और पूर्व सैनिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने शहीद को मुखाग्नि दी। वहीं विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने इस अवसर पर घोषणा की कि स्थानीय हाईस्कूल का नाम शहीद मोहित सेन के नाम पर रखा जाएगा। शहीद की स्मृति में एक स्मारक का निर्माण भी किया जाएगा।

