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जबलपुर में 5 किलो 200 ग्राम के बच्चे के जन्म के बाद डॉक्टर भी हैरान

डॉक्टरों ने इसे एक असाधारण घटना बताया। डॉक्टर भावना मिश्रा के अनुसार इस तरह के बच्चे बहुत कम देखने को मिलते हैं और जन्म के बाद तुरंत नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती करना ज़रूरी होता है,ताकि बच्चे की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा सके। फिलहाल बच्चा सुरक्षित है और डॉक्टरों की टीम उसकी लगातार जांच कर रही है।

उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले इंदौर के पीसी सेठी अस्पताल में भी एक बच्ची ने जन्म लिया था, जिसका वजन 5.43 किलोग्राम निकला था। जबकि जबलपुर का 5.2 किलो वाला बच्चा भी इसी श्रेणी में माना जा रहा है। यह अब तक राज्य में सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाला सबसे भारी बच्चा माना गया। बच्चे के परिजन इसे भगवान का आशीर्वाद मानकर आश्चर्यचकित होने के साथ बेहद खुश हैं।