अशोकनगर: माफियाओं के कब्जे से 14 करोड़ की भूमि कराई मुक्त
जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट में ग्राम शंकरपुर तहसील अशोकनगर स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 155 के संबंध में प्रकरण दर्ज कर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आदित्य सिंह द्वारा गुरुवार को तहसीलदार को अतिक्रमण हटाये जाने हेतु आदेशित किया गया था। तहसीलदार सर्वे क्रमांक 155/11/1 रकबा 0.836 हेक्टेयर शासकीय भूमि बाजारू मूल्य लगभग 06 करोड़ एवं अन्य शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 143 एवं 141 रकबा 2.436 हेक्टयर शासकीय भूमि पर अतिक्रामक मुल्लू एवं लल्लू लोधी से मुक्त कराई। जिसका बाजारू मूल्य लगभग 08 करोड़ रूपये है। इस प्रकार कुल लगभग 14 करोड बाजारू मूल्य की शासकीय भूमि शासन हित में अतिक्रमण से मुक्त कराई गई।
दर असल शिकायती आवेदन 06 जून 2025 को प्रकरण क्रमांक 0027/ब-121/2025- 26 दर्ज किया गया था। शिकायती पत्र में उल्लेखित ग्राम शंकरपुर तहसील अशोकनगर स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 155, के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग अशोकनगर से प्रतिवेदन लिया गया। अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग अशोकनगर द्वारा 17 जून 2025 के द्वारा अपने प्रतिवेदन में प्रश्नाधीन भूमि सर्वे क्रमांक 155 शासकीय होना एवं शासकीय भूमि पर कॉलोनाइजर विनीत पुत्र रामकिशन शर्मा द्वारा पक्की सडक़ डालकर अतिक्रमण किया गया व इसके अलावा अन्य व्यक्तियों द्वारा कब्जा होना प्रतिवेदित किया गया है।
अनावेदक विनीत शर्मा पुत्र रामकिशन शर्मा को 19 जून 2025 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। अनावेदक द्वारा 22 जुलाई 2025 को अपना जवाब प्रस्तुत किया गया। अनावेदक द्वारा जवाब संतोषजनक नहीं होने से प्रश्नाधीन भूमि के सीमांकन हेतु 08 अगस्त 2025 को दल गठित किया गया। जांच दल द्वारा 12 सितम्बर 2025 को भूमि सर्वे क्रमांक 155 के संबंध में अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रतिवेदन में उल्लेखित किया गया कि शंकरपुर स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 155/1/1 रकबा 0.836 हे. भूमि पर दिलीप, विनीत पुत्रगण रामकिशन शर्मा द्वारा मौका स्थल पर सडक़ डालकर शासकीय भूमि पर अवैधानिक रूप से कालोनी विकसित कर अवैध अतिक्रणम किया गया। जांच दल की रिपोर्ट उपरांत अनावेदक दिलीप, विनीत पुत्रगण रामकिशन शर्मा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये। अनावेदक द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं होने से 25 सितम्बर 2025 को ग्राम शंकरपुर स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 155 से कब्जा हटाने हेतु तहसीलदार को आदेशित किया गया था।

