Himachal Pradesh

स्व. पत्रकार हेमकांत कात्यायन की कहानी महाठग का मंचन

उन्होंने बताया कि उनकी बालकथा महाठग का मंचन, केवल एक नाटक नहीं बल्कि उनके लेखन-संसार की आत्मा का जीवंत रूप प्रतीत हुआ। कहानी का ठग केवल पात्र नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाली छवि था। जिसे दर्शकों ने गहराई से महसूस किया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने स्व. हेमकांत कात्यायन के साहित्य और जनसेवा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका रचनात्मक संसा तयर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शन है। हिमाचल की पत्रकारिता में उनका अविस्मर्णीय रहा है। नाटक में नाटय अकादमी के प्रशिक्षु छात्रों ने अपने-अपने किरदार बखूबी निभाए।