प्राइवेट बसों का संचालन एक नवंबर से अनिश्चितकाल के लिए होगा बंद
बीकानेर बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने बाकायदा कलेक्टर के जरिये मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। इसमें लिखा है कि एक नवंबर से सभी प्राइवेट बस ऑपरेटर अपनी सभी सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के नाम दिए गए इस पत्र में परिवहन अधिकारियों द्वारा डराने-धमकाने और अनावश्यक जुर्माना लगाने का आरोप लगाया गया है। पत्र में कहा गया है कि पूरे राजस्थान में परिवहन अधिकारी गलत-सही नहीं देखते हुए वाहनों पर भारी जुर्माना लगा रहे हैं। इसके साथ ही बेवजह वाहन जब्त भी कर रहे हैं। इससे वाहन संचालकों में डर व्याप्त हो गया है। ऐसे हालात में वाहनों का संचालन नहीं कर सकते।
दरअसल राजस्थान में हाल ही दो बड़े बस हादसे हुए। इन हादसों में चलती बसों में आग लगने से 30 लोग जिंदा जल गये। इसके बाद से ही बसों में सुरक्षा मानकों की जांच का बड़ा अभियान शुरू हो गया है। प्रदेशभर में बसों की जांच कर जुर्माना लगाने और जब्त करने की कार्यवाही चल रही है। बस ऑपरेटर्स का कहना है कि यह कार्यवाही नियमानुसान न होकर गलत-सही का मूल्यांकन किये बगैर की जा रही है। इसी वजह से राजस्थान के लगभग सभी हिस्सों से बस ऑपरेटर्स ने सेवाएं अनिश्चितकाल तक के लिए बंद करने का निर्णय लिया है।
एसोसिएशन के सदस्य मनोज डेलू कहते हैं, सरकारी नियमों के मुताबिक बसों में सभी एग्जिट गेट रख दिये। उनका साइज भी मानकों के हिसाब से बड़ा कर दिया गया। इसके बावजूद बेवजह चालान हो रहे हैं। राजस्थान में कल दो बसों के 01 लाख 05 हजार रुपए के चालान किये गये। अधिकांश बसों के 30 हजार या इससे अधिक राशि के चालान किए जा रहे हैं। चूंकि ये सभी गैरकानूनी है ऐसे में इनके खिलाफ बस ऑपरेटर कोर्ट जाएंगे। जब तक रवैया नहीं सुधरेगा प्राइवेट बस ऑपरेटर सेवाएं सुचारु नहीं करेंगे।
बस ऑपरेटर्स ने बताया कि बीकानेर से हर दिन औसतन 200 स्लीपर बसें चलती हैं। इनमें प्रदेश के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर जैसे शहरों के साथ ही कई लंबी दूरी की बसें भी हैं। लंबी दूरी की बसों में सूरत, अहमदाबाद, लखनऊ, कानपुर आदि शहरों तक चलने वाली सेवाएं शामिल हैं। मोटे तौर प्रति बस 30 सीट बुकिंग भी मान ली जाएं तो हर दिन कम से कम 6000 लोग इन बसों से यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में बसों का संचालन बंद होने से इन यात्रियों को जहां असुविधा होगी वहीं बाहर से बीकानेर की ओर आने वाले यात्रियों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। यहां गौर करने लायक बात यह भी है कि इन दिनों छठ का मेला चलने से राजस्थान सहित देश के हर हिस्से से चलने वाली ट्रेनों-बसों में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में एक साथ इतनी बसें बंद हो जाने से हालात विकट हो सकते हैं।

