Delhi

बैंक चोर गिरोह का सरगना ‘मामू’ गिरफ्तार, तीन राज्यों में वारदातों का मास्टरमाइंड रहा वांछित

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने शुक्रवार को बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि कमरुल उर्फ मामू एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना है, जो कई राज्यों में बैंकों को निशाना बनाता था। यह गिरोह खासतौर पर कर्नाटक और महाराष्ट्र में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य बैंकों की रेकी करने के लिए फलों के ठेले लगाकर आम लोगों के बीच घुलमिल जाते थे और फिर रात के अंधेरे में वारदात को अंजाम देते थे।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पांच नवंबर को एसआई रवि भूषण को पुख्ता सूचना मिली कि कर्नाटक और महाराष्ट्र पुलिस को वांछित बैंक चोर कमरुल उर्फ मामू दिल्ली के महावीर एन्क्लेव-III इलाके में फल विक्रेता बनकर रह रहा है। सूचना को पुख्ता कर पुलिस टीम ने 60 फूटा रोड, उत्तम नगर स्थित महावीर एन्क्लेव इलाके में घेराबंदी कर छापा मारा और आरोपित को धर दबोचा।

पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि वह स्वयं “मामू गैंग” का सरगना है। यह गैंग दिन में फलों के ठेले लगाकर बैंक के आसपास रेकी करता था। गिरोह के सदस्य बैंक में आने-जाने वालों की गतिविधियों पर नजर रखते, सुरक्षा व्यवस्था को परखते और रात में वारदात को अंजाम देते थे।

वारदात के बाद गिरोह के सदस्य शहर छोड़कर दूसरे राज्यों में चले जाते थे और फिर वहीं से नई जगह रेकी शुरू कर देते थे। इस तरह वे लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बचते रहे।

जांच में पता चला है कि कमरुल उर्फ मामू का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा है। वह बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट, हत्या, चोरी, आर्म्स एक्ट समेत दर्जनों मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ उप्र, महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों में अब तक 10 से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं।