भिंगराड़ा में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम प्रधान भिंगराड़ा द्वारा प्रतिभागियों के स्वागत से हुई। इसके बाद विधिक जागरूकता शिविर की कार्यवाही औपचारिक रूप से प्रारंभ की गई। शिविर में पीएलवी टीम ने ग्रामीणों को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में भी बताया गया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) चंपावत के सचिव भवदीप रावते ने कहा कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण करना संतानों का कानूनी दायित्व है। उन्होंने अधिनियम में निर्धारित कानूनी उपायों, जैसे भरण-पोषण आवेदन, संपत्ति से बेदखली की प्रक्रिया और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
रावते ने शिक्षा का अधिकार, किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल श्रम निषेध कानून, फैक्ट्री अधिनियम 1948, बाल विवाह निषेध अधिनियम और निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत कराया।
इसके अतिरिक्त, तहसील विधिक सेवा समिति, टनकपुर की अध्यक्षा एवं सिविल जज प्रियांशी नगरकोटी की अध्यक्षता में एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसका संचालन पीएलवी अजय गुरूरानी ने किया। इस सत्र में वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम, वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन योजनाओं, संपत्ति अधिकारों, भरण-पोषण संबंधी प्रावधानों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा, अधिकारों और भरण-पोषण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। शिविर में स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

