निमाड़ उत्सवः गोटीपुआ और राठ नृत्य की हुई प्रस्तुति, विख्यात निमाड़ी कवियों ने किया काव्यपाठ
प्रधान और समूह के युवकों ने महिलाओं की वेशभूषा धारण कर भगवान जगन्नाथ और श्रीकृष्ण की स्तुति और राधाकृष्ण प्रसंग की प्रस्तुति दी। समूह ने गोटीपुआ की आकर्षक कलाबाजी और मुद्राओं से दर्शकों का मन मोह लिया। श्री राठवा और समूह द्वारा गुजरात के सुप्रसिद्ध जनजातीय नृत्य राठ की प्रस्तुति ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यतः होली या अन्य खुशी के अवसर पर किए जाने वाले इस नृत्य में जनजातीय वाद्ययंत्रों की ताल पर नृतकों ने ऊर्जावान प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में निमाड़ी कवियों के काव्यपाठ ने श्रोताओं के बीच ऊर्जा का संचार किया। खरगोन के मोहन परमार, महेश्वर के दिलीप काले, मनावर के राम शर्मा परिंदा, कसरावद के जितेंद्र यादव, जलकोटा के धनसिंह सेन और उमियाधाम करोंदिया के बिहारी पाटीदार गांववाला की हास्य, वीर और भक्ति रस से ओतप्रोत कविताओं का श्रोताओं ने करतल-ध्वनि के साथ देर रात तक आनंद लिया।

