रजत जयंती पर आंदोलनकारियों को एसडीएम ने किया सम्मानित
यह सम्मान समारोह राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को याद करने और उन्हें सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित व स्वागत गान से हुई ।
इस दौरान मुख्य वक्ता के रूप में अपने अपने अनुभव पूर्व राज्य मंत्री ज्ञानचंद, ब्लॉक अध्यक्ष राज्य आंदोलनकारी वीरेन्द्र सिंह रावत, मुनेन्द्र सिंह रावत, राघवानन्द नौटियाल,धर्म सिंह भण्डारी ,सत्ये सिंह रावत , महेन्द्र पोखरियाल ने उत्तराखंड राज्य आदोलन के दौरान किये गये अनुभव साझा किए गए। इस दौरान राज्य आंदोलनकारियों को मिले सम्मान के लिए उपजिलाधिकारी भटवाडी़ शालिनी नेगी का धन्यवाद दिया । वहीं राज्य आंदोलनकारियों को जो पेंशन मिल रही रही है यह सबको एक समान मिलें यह केवल पेंशन नहीं यह हमारे लिए सम्मान निधि है।
इस दौरान अधिकतर वक्ताओं ने इस आंदोलन के क्षेत्रीय राज्य आंदोलनकारी स्व०चन्दन सिंह राणा व स्व०जगमोहन सिंह रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई । वक्ताओं ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य को बनें 25 वर्ष हो रहे हैं और पहाड़ के काम न पहाड़ का पानी आया है ना ही जवानी– लोग आज भी रोजगार के लिए जगह जगह पलायन कर रहे हैं ।
उत्तराखंड में अगर रोजगार के लिए ठोस नीति बनाई जाएं तो अलग राज्य बनने का सही फायदा होगा। वहीं वक्ताओं के द्वारा बताया गया कि उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर जहां हम कुछ लोग चिन्हित हुए हैं यह हमारा सौभाग्य है उत्तराखंड राज्य को दर्जा दिलाने में हर एक नागरिक का सहयोग है वह चाहे स्कूल के छात्र हो या फिर गांव का किसान सबने अपने अपने स्तर से इसके लिए प्रयास किया है जिसे हम भुला नहीं सकते ।
वहीं उपजिलाधिकारी ने सभी राज्य आंदोलनकारियों को रजत जयंती की शुभकामनाएं दी और सभी को सम्मानित किया। इस दौरान क्षेत्र के सभी राज्य आंदोलनकारियों मौजूद रहें।

