पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में एनआईए को मिली चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति
नई दिल्ली, 24 अप्रैल । उच्चतम न्यायालय के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने एक अप्रैल को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाये जाने की घटना के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति दे दी है।
उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस के पत्र के आधार पर इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी थी। सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से शुक्रवार काे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने कहा कि एजेंसी ने जांच के संबंध में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है। उसके बाद कोर्ट ने एनआईए को संबंधित कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति दे दी। उच्चतम न्यायालय ने एनआई से कहा कि अब आगे स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की जरुरत नहीं है।
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के एक ब्लॉक डेवलपमेंट अफसर (बीडीओ) के कार्यालय में एक अप्रैल की शाम करीब साढ़े तीन बजे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को घंटों बंधक बनाकर रखा गया। बंधक बनाने वालों के खिलाफ देर शाम तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस के मुताबिक न तो जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और न ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौके पर पहुंचे। उसके बाद उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को फोन कर जजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। बाद में रात 12 बजे न्यायिक अधिकारियों को छोड़ा गया।

