Rajasthan

बाड़मेर में भीषण गर्मी और जलसंकट से बिगड़े हालात, देरासर गांव में प्यास से 10 से अधिक गायों की मौत का दावा

बाड़मेर, 18 मई । बाड़मेर जिले में भीषण गर्मी और जलसंकट ने हालात गंभीर कर दिए हैं। रामसर क्षेत्र के देरासर गांव में पानी की भारी किल्लत के चलते 10 से अधिक गायों की मौत का दावा सामने आया है। गांव में जगह-जगह पड़े गोवंश के शवों ने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है, बल्कि आबादी के बीच बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ा दिया है।

ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से गांव में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। बाड़मेर लिफ्ट कैनाल, जो गांव की मुख्य जल आपूर्ति का स्रोत है, पिछले करीब एक महीने से क्लोजर के कारण प्रभावित है। बीच-बीच में सीमित आपूर्ति होने के बावजूद नियमित जल सप्लाई नहीं हो सकी। दूसरी ओर, हैंडपंप भी पर्याप्त पानी देने में असमर्थ हैं।

गांव के सूखे कुंडों और जल स्रोतों के आसपास गायों के शव मिलने से स्थिति भयावह हो गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी की तलाश में भटकती गायें सूखे कुंडों तक पहुंचीं, लेकिन पानी नहीं मिलने से प्यास से तड़पकर दम तोड़ दिया। कई शव खुले में पड़े होने से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

ग्रामीण अजीज खान ने बताया कि समस्या की जानकारी 10 दिन पहले ही जलदाय विभाग को दे दी गई थी, लेकिन समय पर टैंकर नहीं पहुंचाए गए। गांव के सरपंच प्रशासक अरसद राजड़ ने भी जल संकट को गंभीर बताते हुए प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।

मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। एसडीएम रामलाल मीना ने तहसीलदार को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जबकि जलदाय विभाग ने टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाना शुरू किया है। बाड़मेर इस समय पश्चिमी राजस्थान के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां पिछले 20 दिनों से तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। इस सीजन में यहां अधिकतम तापमान 48.3 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड है।