Rajasthan

कैल्शियम की कमी से महिलाओं में कमजोर हो रही हड्डियां

जोधपुर, 18 मई । डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल की प्रेरणा से स्नातकोत्तर पंचकर्म विभाग द्वारा निशुल्क बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) जांच शिविर का आयोजन किया गया।

संजीवनी चिकित्सालय के अधीक्षक प्रो. ए. नीलिमा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बीएमडी जांच से हड्डियों की कमजोरी का समय रहते पता लग जाता है, जिससे भविष्य में होने वाले फ्रैक्चर को रोका जा सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि नियमित जांच, संतुलित आहार एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाकर हड्डियों को स्वस्थ रखा जा सकता है। विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ. ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि कैल्शियम की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण विशेषकर महिलाओं में हड्डियां कमजोर हो रही हैं। इससे बचाव आयुर्वेदिक पथ्य आहार-विहार, प्रतिदिन 20 मिनट धूप सेवन तथा 30 मिनट ब्रिस्क वॉक करने की सलाह दी गई।

उन्होंने कहा कि रजोनिवृत्ति के बाद ऑस्टियोपोरोसिस के कारण कलाई, रीढ़ व कूल्हे के फ्रैक्चर की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए आहार में कैल्शियम व विटामिन-डी की पर्याप्त मात्रा आवश्यक है। ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए लो-फैट या बिना फैट वाला गाय का दूध तथा पालक जैसी हरी सब्जियों का सेवन लाभकारी है, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।

शिविर में ऑस्टियोपोरोसिस जांच, हड्डियों की मजबूती व घनत्व (डेंसिटी) की जांच सहित कुल 100 आमजन, संकाय सदस्यों एवं रोगियों ने निशुल्क लाभ लिया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष क्रिया शरीर एवं मीडिया प्रभारी प्रो. दिनेश चंद्र शर्मा, पंचकर्म विभाग सहायक आचार्य डॉ. दिलीप कुमार व्यास, डॉ. अचला राम कुमावत सहित समस्त पीजी अध्येता एवं पंचकर्म स्टॉफ उपस्थित रहे।