सीएम धामी की पहल से नैनीताल में ‘ड्रैगन फ्रूट क्रांति’, महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
नैनीताल, 10 मई । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं स्वरोजगार योजनाओं का असर अब नैनीताल जनपद में स्पष्ट दिखाई देने लगा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से ड्रैगन फ्रूट उत्पादन ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बनकर उभर रहा है।
जनपद के बैलपड़ाव क्षेत्र में रेखा गोस्वामी “गौरा समूह” और “विकास सीएलएफ” के माध्यम से इस पहल को आगे बढ़ा रही हैं। समूह आधारित और व्यक्तिगत स्तर पर स्थापित ड्रैगन फ्रूट इकाइयों ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं। वर्तमान में क्षेत्र में लगभग दो टन उत्पादन की संभावना जताई जा रही है, जिसमें आने वाले वर्षों में और वृद्धि होने की उम्मीद है। बाजार में ड्रैगन फ्रूट की बढ़ती मांग और लगभग 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिलने वाला मूल्य इसे लाभकारी उद्यम बना रहा है।
सीमित जोखिम और प्रति पौधा लगभग 1300 से 1370 रुपये की लागत के बावजूद यह फसल दीर्घकालिक रूप से बेहतर आय देने वाली साबित हो रही है। ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत रेखा गोस्वामी को 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिसके माध्यम से लगभग सात लाख रुपये की लागत से इकाई स्थापित की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार अगले तीन वर्षों में यह इकाई 6 से 7 टन तक उत्पादन देने में सक्षम होगी, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस प्रकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” विजन के अनुरूप यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। स्थानीय स्तर पर इसे केवल खेती नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

