दामाद के जाने पर द्रवित हुआ नैनीताल, मां पाषाण देवी पर थी अटूट आस्था
नैनीताल, 20 मई । उत्तराखंड के दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी स्वयं को नैनीताल का दामाद मानते थे क्योंकि उनके ससुर नैनीताल में पुलिस के अधिकारी रहे थे। उनकी पुत्री ऋतु खंडूड़ी का जन्म भी नैनीताल में 29 जनवरी 1965 को नैनीताल में ही हुआ था।
स्व खंडूड़ी की नैलीताल की मां पाषाण देवी पर अटूट आस्था थी। वर्ष 2007 में पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के अगले ही दिन भुवन चंद्र खंडूरी बिना किसी औपचारिकता के तल्लीताल गांधी चौक से पैदल चलकर मां पाषाण देवी मंदिर पहुंचे थे और साधारण भक्त की तरह दर्शन किए थे। इसके अतिरिक्त भी खंडूड़ी जब भी नैनीताल आते थे तो मंदिर अवश्य पहुंचते थे तथा लंबे समय तक मंदिर परिसर में बैठकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते थे।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी को श्रद्धांजलि
नैनीताल। भुवन चन्द्र खंडूड़ी के आकस्मिक निधन पर बुधवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सभागार में शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा में वक्ताओं ने स्व. खंडूड़ी के राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक योगदान को याद करते हुए उन्हें सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार राजनीति का प्रतीक बताया।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीसीएस रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन में स्व. खंडूड़ी का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसके परिणामस्वरूप आज राज्य की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के रूप में उच्च न्यायालय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्व. खंडूड़ी ी सरल व्यवहार, अनुशासन और स्वच्छ छवि वाले जननेता थे। महासचिव सौरव अधिकारी ने उनके व्यक्तित्व एवं कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व सांसद डॉ. एमएस पाल ने कहा कि स्व. खंडूड़ी व्यवहारिक और गंभीर चिंतन वाले कुशल राजनेता थे। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के सदस्य चन्द्रशेखर जोशी ने कहा कि उनके कार्यकाल में लोकायुक्त विधेयक पारित किया गया था।
शोकसभा में गौरव काण्डपाल, भुवनेश जोशी, विश्व प्रकाश बहुगुणा, विश्वस्त काण्डपाल, प्रभा नैथानी, पंकज सेमवाल, संजय भट्ट, पूरन सिंह रावत, गौरव पंवार, केतन जोशी, अविदित नौरियाल, राजेश शर्मा सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
जिला बार एसोसिएशन नैनीताल एवं कुमाऊँ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने भी स्वर्गीय खंडूड़ी के शोक में शोक सभाएं आयोजित कर पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। बार एसोसिएशन अध्यक्ष अरुण बिष्ट, सचिव संजय सुयाल तथा कूटा अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनके अनुशासित व्यक्तित्व और प्रदेश विकास में योगदान को स्मरण किया।

