मध्य प्रदेश में 1 जुलाई से लागू होगा विकसित भारत अधिनियम जी राम जी
भोपाल, 11 मई । मध्य प्रदेश में एक जुलाई 2026 से विकसित भारत जी राम जी अधिनियम पूरी तरह से लागू हो जाएगा। अधिनियम के लागू होने से अब वर्ष भर में 125 दिन का रोजगार मिलेगा। इससे न सिर्फ ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अधोसंरचनात्मक विकास को भी गति मिलेगी।
जनसंपर्क अधिकारी शिवम शुक्ल ने सोमवार को बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका एवं अधोसंरचनात्मक विकास के दृष्टिगत भारत सरकार द्वारा विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम-जी) अधिनियम-2025 को हाल ही अधिसूचित किया गया है। यह अधिनियम प्रदेश में एक जुलाई 2026 से लागू हो जाएगा। प्रदेश में विकसित भारत जी राम जी अधिनियम लागू होने के साथ मनरेगा अधिनियम स्वत: ही निरस्त हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम ग्रामीण विकास के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन है जो विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप एक समेकित रूप में भविष्य उन्मुख एवं उत्पादकता आधारित ग्रामीण विकास में ढांचागत परिवर्तन कर एक नए युग की शुरुआत करता है।
अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य जो अकुशल कार्य करने के इच्छुक हैं उनके लिए एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के रोजगार का प्रावधान किया गया है। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि के साथ आजीविका की सुरक्षा को मजबूती प्राप्त होगी। अधिनियम के प्रावधानों में श्रमिकों द्वारा कार्य की मांग करने पर उसे समय सीमा में कार्य उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, अन्यथा उसे श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने का हक होगा।
अधिनियम के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को समय सीमा में प्रत्यक्ष भुगतान प्रणाली (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रान्सफर-डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक अथवा डाकघर खातों में भुगतान किया जाना अनिवार्य किया गया है। अन्यथा वह श्रमिक विलम्बित क्षतिपूर्ति पाने का पात्र होगा।
अधिनियम में विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक व पीएम गति शक्ति के एकीकरण सहित शुरू किए जाने वाले कार्यों में जल-संबंधी कार्यों के माध्यम से जल सुरक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत अवसंरचना, आजीविका-संबंधी अवसंरचना तथा प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के शमन के लिये कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
एक वित्तीय वर्ष में 60 दिनों की अवधि का विराम
वीबी जी राम जी अधिनियम में बुवाई और कटाई के पीक सीजन में कृषि श्रमिकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक वित्तीय वर्ष में 60 दिनों की अवधि ‘विराम अवधि’ के रूप में रहेगी, जिससे कृषि कार्य के लिये श्रमिकों की उपलब्धता रहे।
पारदर्शिता के लिए होगी डिजिटल निगरानी
यह अधिनियम प्रभावी क्रियान्वयन, जवाबदेही और पारदर्शिता के लिये डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना रियल टाइम निगरानी और उन्नत पारदर्शिता तन्त्र के माध्यम से मजबूती प्रदान करता है। इस प्रणाली में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी, रियल टाइम डेशबोर्ड, एआई तकनीकी का प्रयोग किया जाना है, जिससे पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन, निगरानी, समयबद्ध रिपोर्टिंग और सुधारात्मक कार्यवाही की जा सकेगी।
पंचायतें बनाएंगी कार्ययोजना
अधिनियम में कार्ययोजना विकसित ग्राम पंचायत प्लान के माध्यम से ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार की जाएंगी, जिसमें पंचायतों की भौगोलिक स्थिति एवं विकास स्तर के अनुसार आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाएगा। क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। वह श्रमिकों का पंजीकरण करने, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने के लिए उत्तरदायी होगी। ग्राम सभा नियमित सामाजिक अंकेक्षण भी करेगी। मध्यवर्ती पंचायतें, ब्लॉक-स्तरीय आयोजना, प्रस्तावों के समेकन एवं अभिसरण के सुगमीकरण पर ध्यान केंद्रित करेंगी। जिला पंचायतें, एक समर्पित संचालन समिति के माध्यम से समग्र पर्यवेक्षण एवं निगरानी की जिम्मेदारी निभाएंगी।
जल्द जारी होंगे नियम
भारत सरकार द्वारा दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में वीबी जी राम जी अधिनियम को लागू करने के लिये शीघ्र ही नियम जारी किये जायेंगे। इसके लिये बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। जिससे वीबी जी राम जी अधिनियम के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर मुहैया कराया जा सके।

