रेलवे ने पास व्यवस्था का किया डिजिटलाइजेशन
जोधपुर, 02 जून । रेलवे कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलने वाले पास जारी करने की प्रक्रिया को और सरल व पारदर्शी बनाने के लिए रेलवे ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब सभी प्रकार के विशेषाधिकार पास, पीटीओ, ड्यूटी चेक पास तथा सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले पूरक पास (पीआरसीपी) केवल मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे।
रेलवे बोर्ड के अनुसार एचआरएमएस का ई-पास/पीटीओ मॉड्यूल 10 अगस्त 2020 को शुरू किया गया था, जिसे बाद में सभी भारतीय रेलवे में लागू कर दिया गया। इसके तहत सेवारत कर्मचारी पहले से ही अपने पास एवं पीटीओ की सुविधाओं का लाभ ऑनलाइन प्राप्त कर रहे हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार दिव्यांग कर्मचारियों और सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को भौतिक पास प्राप्त करने का विकल्प भले ही उपलब्ध रहेगा,लेकिन उनके आवेदन भी एचआरएमएस के माध्यम से ही संसाधित किए जाएंगे।
ऐसे मामलों में भी पास एचआरएमएस से जनरेट होगा और पूर्व-मुद्रित स्टेशनरी पर मैन्युअल पास जारी नहीं किए जाएंगे। जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिषेक गांधी का मानना है कि इस कदम से पास जारी करने की प्रक्रिया में एकरूपता आएगी, कागजी कार्यवाही कम होगी और कर्मचारियों व पेंशनरों को अधिक सुविधाजनक एवं त्वरित सेवा मिल सकेगी।

