खेल सामग्री घोटाले में पूर्व विधायक यादव को राहत नहीं, रहेंगे जेल में ही
जयपुर, 30 जून । राजस्थान उच्च न्यायालय ने खेल सामग्री खरीद में घोटाले के आरोप में जेल में बंद बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को राहत देने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में आरोपित की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने यह आदेश दिए।
जमानत याचिका में कहा गया कि ईडी ने एसीबी में दर्ज जिस मूल प्रकरण के आधार पर कार्रवाई की है, उस पर हाईकोर्ट का स्टे है। मामला राजनीतिक द्वेष के चलते हुआ है। पूर्व में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी की जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। इसके अलावा करीब तीन करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया गया है, जबकि इस कीमत की सामग्री की डिलीवरी हुई है। ऐसे में पूरी राशि का घोटाला नहीं हो सकता। जिसका विरोध करते हुए ईडी की ओर से एएसजी भरत व्यास ने कहा कि आरोपी के निर्देश पर चार फर्म के खेल सामग्री खरीद का टेंडर मंजूर किया गया। जिसमें बाजार मूल्य की तुलना में कई गुणा अधिक कीमत पर खरीदारी की गई। इसके अलावा सभी आपूर्ति फर्म आरोपित से रिश्तेदारों या परिचितों से जुड़ी थी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। गौरतलब है कि साल 2021-22 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र की करीब 32 स्कूलों के लिए बैडमिंटन व क्रिकेट किट की खरीद की गई थी। आरोप है कि खेल किट की खरीद के नाम पर एमएलए लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड से करीब तीन करोड़ रुपए खर्च हुए और इसमें बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। मामले में ईडी ने गत फरवरी माह में कार्रवाई करते हुए बलजीत यादव को गिरफ्तार किया था।

