पुलिस ने आआपा विधायक कुलदीप कुमार को छोड़ा, हाई कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निस्तारण किया
नई दिल्ली, 18 अगस्त । आम आदमी पार्टी (आआपा) के विधायक कुलदीप कुमार को पुलिस ने छोड़ दिया है। दिल्ली पुलिस की इस सूचना के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निस्तारण कर दिया। जस्टिस नवीन चावला की बेंच ने याचिका का निस्तारण करने का आदेश दिया।
मंगलवार सुबह वकील शादान फरासत ने मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस के 20 लोग आज सुबह 4 बजे सादी वर्दी में आए और विधायक कुलदीप कुमार को उठाकर ले गए। कुलदीप कुमार एक सफाईकर्मी की हत्या पर विरोध जता रहे थे। कुलदीप कुमार का परिवार उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कुछ पता नहीं चल रहा है। उसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने आज ही इस मामले पर सुनवाई का आदेश दिया।
दोपहर बाद ये मामला जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंद्र डूडेजा की बेंच के समक्ष लिस्ट किया गया, लेकिन जैसे ही जस्टिस नवीन चावला की बेंच के समक्ष सुनवाई शुरु हुई, तो दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को सूचित किया कि कुलदीप कुमार को शाम 3 बजकर 48 मिनट पर छोड़ दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि कुलदीप कुमार को एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया था, लेकिन वकील शादान फरासत ने पुलिस के हिरासत में लेने के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसके लिए कुलदीप कुमार को मुआवजा देने की मांग की।
शादान फरासत ने कहा कि कुलदीप कुमार को हिरासत में लेते समय दिल्ली पुलिस के लोगों ने संपत्ति का भी नुकसान किया। उसके बाद कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि कुलदीप कुमार का परिवार उनके अवैध हिरासत को चुनौती देने और मुआवजे की मांग करने के लिए अलग से याचिका दायर करने को स्वतंत्र है।

