हिसार कोर्ट से बरी हुआ, बाहर निकलते ही गोलियों से भून दिया गया विनोद काणा
भगत, सज्जन उर्फ काला, कुलदीप उर्फ बुढ़िया और सागर भी शामिल हैं।
बताया जा रहा है
कि इसी मामले में सुनवाई और फैसला होने के कारण सभी आरोपी कोर्ट परिसर में एक साथ पहुंचे
थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हमलावरों को विनोद और उसके साथियों के कोर्ट
में पहुंचने की जानकारी पहले से कैसे मिली।
करनाल जेल से कुछ दिन पहले ही आया था बाहर
सूत्रों के अनुसार, विनोद पानू कुछ दिन पहले ही करनाल जेल से जमानत पर बाहर
आया था। इसके बाद से वह लगातार सक्रिय था। पुलिस अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट और गतिविधियों
को भी खंगाल रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर विनोद पानू की एक पोस्ट के
जरिए हमलावरों को उसके कोर्ट आने की जानकारी मिलने की आशंका है। हालांकि, पुलिस ने
अभी इस पहलू की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां सोशल मीडिया गतिविधियों
के साथ-साथ कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं।
हत्या-लूट जैसे गंभीर मामले शामिल, 31 केसों में दर्ज था नाम
एसपी सिद्धांत जैन ने बताया कि फायरिंग में विनोद उर्फ पानू उर्फ काणा की मौत
हुई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति को गोली लगी है और उसकी हालत खतरे से बाहर है। उन्होंने
बताया कि विनोद के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में 31 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें हत्या,
हत्या के प्रयास और लूट जैसी गंभीर वारदातें शामिल हैं। एसपी ने कहा कि कोर्ट परिसर
में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को तत्काल काबू कर लिया है। वारदात
के पीछे की वजह, हमले की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा
रही है। पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और उनकी जांच की जा रही
है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और वारदात के पीछे
किसकी साजिश थी, हमलावरों को विनोद के कोर्ट पहुंचने की जानकारी कैसे मिली और इस गैंगवार
के पीछे असली वजह क्या थी—इन सभी सवालों का जल्द खुलासा किया जाएगा।

