Himachal Pradesh

हिमाचली स्वाद की महक से सजा आईएचएम शिमला, 451 तरह के सिड्डू रहे खास आकर्षण

शिमला, 27 सितंबर । सिड्डू, पतरोड़े, गुच्छी की सब्जी, कांगड़ी धाम और कोदरे की रोटी जैसे हिमाचली व्यंजनों की खुशबू ने विश्व पर्यटन दिवस पर रविवार को आईएचएम शिमला (कुफरी) का माहौल खास बना दिया। यहां हिम आंचल शेफ एसोसिएशन की ओर से हिमाचल कुलिनरी एंड टूरिज्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक पकवानों की प्रदर्शनी में स्थानीय स्वाद और खान-पान की समृद्ध परंपरा आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रतिभागियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजना और उन्हें उत्सव के रूप में मनाना अपनी विरासत को आगे बढ़ाने का काम है। एक साथ बैठना, लोकगीत गाना और पारंपरिक व्यंजन तैयार करना इसी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।

अनुपम कश्यप ने कहा कि हिमाचल की महिलाएं आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। कई महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजनों और खान-पान की कला को व्यवसाय के रूप में अपनाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उन्होंने हिम आंचल शेफ एसोसिएशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय खान-पान को नई पहचान देने के साथ युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।

उपायुक्त ने कहा कि हिमाचली पारंपरिक व्यंजनों को केवल उत्सवों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजमर्रा के खान-पान और व्यवसाय का हिस्सा बनाने की जरूरत है। स्थानीय व्यंजनों को व्यापक पहचान दिलाने के लिए नवाचार के साथ स्वाद, गुणवत्ता, प्रस्तुति, स्वच्छता, तापमान, समय प्रबंधन और उत्पादन प्रक्रिया पर पर्याप्त अभ्यास और शोध जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय भोजन और संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास होने चाहिए।

फेस्टिवल में कांगड़ी धाम, गुच्छी की सब्जी, पतरोड़े, सिड्डू, लाल चावल, सेपू बड़ी, बिच्छू बूटी की चाय, कोदरे की रोटी, रागी के लड्डू और चम्बयाली राजमा सहित अनेक पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित किए गए। विभिन्न प्रकार के केक की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों तथा महिलाओं ने इसमें भाग लिया। विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों ने भी हिमाचली व्यंजन सीखकर उन्हें तैयार किया।