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इंदौरः विश्व पर्यटन दिवस पर एयरपोर्ट एवं मांडू में पर्यटकों का पारंपरिक स्वागत

इंदौर, 27 सितम्बर । विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल तथा ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा उन्हें अतुल्य भारत से जुड़ी सामग्री एवं आकर्षक उपहार भेंट किए गए। मांडू स्थित ऐतिहासिक जहाज महल परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सहयोग से स्वच्छता अभियान भी आयोजित किया गया।

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल, इंदौर पर आयोजित कार्यक्रम में आगमन करने वाले यात्रियों का तिलक लगाकर पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। इस दौरान पर्यटकों को सरप्राइज गिफ्ट के रूप में स्वीट टॉफी, अतुल्य भारत प्रिंटेड टी-शर्ट, लैपटॉप बैग, कॉफी मग तथा टीएएआई की ओर से हैप्पी विश्व पर्यटन दिवस संदेश अंकित सिपर बोतल प्रदान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यटकों का स्वागत कर उन्हें सुखद अनुभव प्रदान करना तथा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की विविधताओं से परिचित कराना था। इस अवसर पर भारत पर्यटन इंदौर के सहायक निदेशक ए.गोपाल, एयरपोर्ट डायरेक्टर अतुल सिंह, हेमेंद्र सिंह एवं श्री अमित नवलानी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू के प्रसिद्ध जहाज महल स्मारक पर भी विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां आने वाले पर्यटकों का तिलक लगाकर पारंपरिक स्वागत किया गया तथा उन्हें अतुल्य भारत से संबंधित प्रचार सामग्री एवं उपहार वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से जहाज महल परिसर में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। इस पहल के माध्यम से ऐतिहासिक स्मारकों की स्वच्छता, संरक्षण तथा पर्यटन स्थलों के प्रति पर्यटकों और आमजन में जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मांडू के कंजर्वेशन असिस्टेंट नीरज पाटन, टूरिस्ट इंफॉर्मेशन ऑफिसर शिवम कुमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं पर्यटन हितधारक उपस्थित रहे। विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के स्वागत, भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार तथा स्वच्छ एवं पर्यटक-अनुकूल वातावरण विकसित करने का संदेश दिया गया।