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मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन भारी बारिश की चेतावनी, सतना-रीवा समेत 17 जिलों में आज अलर्ट

भोपाल, 01 सितम्बर । मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर तेज होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया और ट्रफ के असर से अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में भारी और अति भारी बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि सतना, रीवा समेत 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश को देखते हुए मैहर में आज भी सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश रहेगा।

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया और ट्रफ की वजह से 4 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश का दौर चलेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश ज्यादा सक्रिय रहेगी। 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं 4 सितंबर को सिस्टम का असर उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग तक पहुंचने की संभावना है।

आज 2 जिलों में ऑरेंज, 15 में भारी बारिश

मंगलवार को मौसम विभाग ने उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

मैहर जिले में लगातार भारी बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने 1 सितंबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सोमवार देर रात इस संबंध में आदेश जारी किया। लगातार बारिश से प्रदेश के डैमों की स्थिति में सुधार हुआ है। अधिकांश जलाशयों में 70 प्रतिशत तक पानी आ चुका है और कुछ डैम के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों में अभी स्थिति उतनी बेहतर नहीं है।

भोपाल के बड़े तालाब में जलस्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट नीचे है। बड़े तालाब के पूरी तरह भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।

अब तक 27.7 इंच बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 702.9 मिमी यानी 27.7 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 30.8 इंच (782.6 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक 3.1 इंच कम बारिश हुई है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से में 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में औसत से 15 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

वहीं पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से कम बारिश हुई है। जबकि प्रदेश के अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। अगले चार दिनों में पूर्वी और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने से प्रदेश की कुल बारिश के आंकड़े में और सुधार होने की उम्मीद है।