मप्र पुलिस ने म्यूल बैंक खातों, निवेश ठगी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर कसा शिकंजा
भोपाल, 19 सितम्बर । मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा विगत दो दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं राज्य साइबर पुलिस द्वारा साइबर ठगी के लिए बैंक खातों के उपयोग, म्यूल अकाउंट के माध्यम से अनधिकृत लेन-देन, शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी तथा अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इन कार्रवाइयों में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, क्यूआर कोड, मोबाइल फोन एवं लैपटॉप सहित महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा शनिवार को जानकारी दी गई कि नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने म्यूल अकाउंट के माध्यम से अनधिकृत लेन-देन करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं दिल्ली में सक्रिय रहकर करीब 25 लाख रुपये का लेन-देन किया जाना पाया गया। आरोपियों से 02 मोबाइल फोन, 03 पासबुक एवं 04 एटीएम कार्ड जब्त किए गए।
खरगोन जिले में शेयर मार्केट में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गुजरात से 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से फरियादी से संपर्क कर डमी एप्लीकेशन के जरिए शेयर ट्रेडिंग कराकर ठगी की थी। पुलिस ने ठगी से अर्जित 10 लाख 95 हजार रुपए की राशि बरामद की है।
इंदौर जिले में ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत साइबर फ्रॉड के लिए बैंक खातों का अंतर्राज्यीय नेटवर्क संचालित करने वाले मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों द्वारा साइबर ठगों के साथ 250 से अधिक बैंक खातों की जानकारी साझा की गई थी। आरोपियों के कब्जे से 21 बैंक पासबुक, 08 एटीएम कार्ड, 20 चेकबुक, 07 क्यूआर कोड एवं 01 लैपटॉप बरामद किया गया।
ग्वालियर में 21 करोड़ रुपये से अधिक की ट्रेडिंग ठगी के मामले में 8वें आरोपी को राज्य साइबर पुलिस ग्वालियर ने छत्तीसगढ़ के कबीरधाम से गिरफ्तार किया। प्रकरण में पूर्व में 07 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक फर्जी वेब प्लेटफॉर्म तैयार कर निवेश पर लाभ का झांसा दिया और फर्जी प्लेटफॉर्म पर निवेश की राशि का बढ़ता-घटता ग्राफ दिखाकर अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया। आरोपी के बैंक खाते का उपयोग तीन राज्यों में साइबर फ्रॉड से संबंधित लेन-देन में पाया गया तथा तीन राज्यों की शिकायतों के आधार पर खाता फ्रीज किया गया था। मोबाइल जांच में कंबोडिया के कंट्री कोड वाले नंबर से व्हाट्सएप चैट के प्रमाण मिले हैं। विवेचना में फर्जी कंपनी के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाकर साइबर फ्रॉड में उपयोग किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। आरोपी के भाई के बैंक खाते में फरियादी से ठगी की राशि की प्रथम लेयर में 25 लाख रुपये का लेन-देन पाया गया है। आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर ठगी की राशि एवं अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
मध्य प्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक अथवा अन्य बैंकिंग साधनों के प्रति सावधानी बरतें तथा शेयर बाजार में निवेश के लिए केवल SEBI के अधीन पंजीकृत संस्थानों एवं अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें।

