Rajasthan

चित्रकला प्रतियोगिता में उमड़ा उत्साह: मानो नन्हें हाथों में सिमट कर धरती के सारे रंग प्रताप गौरव केन्द्र घूमने चले आए हों

उदयपुर, 22 सितंबर । झीलों की नगरी उदयपुर स्थित प्रताप गौरव केन्द्र मंगलवार को कला, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की त्रिवेणी में सराबोर हो उठा। ‘दिवेर विजय महोत्सव’ के पावन उपलक्ष्य में आयोजित भव्य चित्रकला प्रतियोगिता में मेवाड़ का शौर्य कैनवास पर जीवंत हो उठा। प्रतियोगिता का दृश्य इतना मनमोहक था, मानो नन्हें हाथों में सिमट कर धरती के सारे रंग उदयपुर के प्रताप गौरव केन्द्र घूमने चले आए हों।

दिवेर विजय महोत्सव के संयोजक रमन सूद ने बताया कि उदयपुर सहित वागड़, कांकरोली और राजसमंद अंचल के 25 से अधिक प्रतिष्ठित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के युवा कलाकारों ने प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लिया। युवाओं के रंगों और रेखाओं के इस अद्भुत तालमेल ने दिवेर की ऐतिहासिक विजय गाथा को एक नए कलात्मक कलेवर में पिरो दिया।

प्रतियोगिता दो श्रेणियों में आयोजित की गई। कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रतियोगिता में सेंट एंथोनी, सेंट मैथ्यू, गुरु नानक और स्वामी विवेकानंद स्कूल सहित क्षेत्र के 20 से 25 प्रमुख स्कूलों के विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता का जादू बिखेरा। इसी तरह, महाविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में उच्च शिक्षा वर्ग में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के आर्ट्स कॉलेज, मीरा गर्ल्स कॉलेज, बीएनपीजी कॉलेज, श्रमजीवी कॉलेज और विद्याभवन कॉलेज के साथ-साथ सागवाड़ा, खेरवाड़ा, राजसमंद और नाथद्वारा के युवा चित्रकारों ने प्रतिस्पर्धात्मक भावना से अपनी कला का लोहा मनवाया।

प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. सुशील निम्बार्क ने बताया कि प्रतिभागियों ने केवल प्रतिस्पर्धा में भाग ही नहीं लिया, बल्कि केंद्र में आयोजित विशेष चित्रकला कार्यशाला का हिस्सा भी बने। विद्यार्थियों ने वरिष्ठ चित्रकारों द्वारा दिए गए ‘लाइव डेमोंस्ट्रेशन’ का सूक्ष्म अवलोकन कर चित्रकारिता और शेडिंग की नई बारीकियों को भी सीखा।

महोत्सव के प्रचार-प्रसार और जन-जन में स्वाभिमान का भाव जगाने की कड़ी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का क्रम जारी रहा। प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि मंगलवार को पानेरियों की मादड़ी स्थित वानरेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में प्रेरणादायी नुक्कड़ नाटक ‘दिवेर का रणघोष’ का सफल मंचन किया गया। बुधवार शाम को गुलाबबाग के सरस्वती पुस्तकालय के सामने महात्मा गांधी प्रतिमा उद्यान में मंचन किया जाएगा।

सह संयोजक देवेन्द्र श्रीमाली ने बताया कि पोस्टर प्रतियोगिता 2026 के लिए प्रविष्टियां जमा कराने की अंतिम तिथि 22 सितंबर निर्धारित की गई थी। इसके परिणाम 23 सितंबर को घोषित किए जाएंगे, जबकि पुरस्कार एवं सम्मान समारोह 26 सितंबर को होगा। सह संयोजक हरीश राजानी ने बताया कि निबंध प्रतियोगिता के परिणाम भी 23 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। इस बीच, पुरालेख, पुरालिपि, फारसी आदि सीखने की कार्यशालाएं जारी हैं जिनमें युवा से लेकर प्रौढ़ उम्र तक के प्रतिभागी रुचि ले रहे हैं।