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शिक्षकों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को एआई और सर्च इंजन से जानकारी उपलब्ध कराने तक सीमित न हो : प्रो.अजित कुमार चतुर्वेदी

वाराणसी, 01 सितम्बर । काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, कंप्यूटर विज़न तथा वर्गीकरण जैसी प्रौद्योगिकियों पर आधारित एआई अब केवल विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गई है। उन्होंने शोधकर्ताओं को इसके प्रभावी उपयोगकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया तथा एआई को शोध को गति देने वाला प्रभावी साधन भी बताया।

कुलपति मंगलवार को विश्वविद्यालय के कला संकाय के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। तीन दिवसीय ‘वैज्ञानिक अनुसंधान में एआई का अनुप्रयोग’ विषयक राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कुलपति ने कहा कि जिन कार्यों को पूरा करने में पहले एक वर्ष लगता था, उन्हें अब एक माह या 15 दिनों में पूरा करना संभव हो सकेगा। इससे शोधकर्ता केवल शोध की अवधि को कम करने के साथ-साथ अधिक गहन एवं महत्त्वपूर्ण प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को एआई और सर्च इंजन के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बल्कि उन्हें इनसे आगे बढ़कर विषय की गहरी समझ और व्यापक ज्ञान प्रदान करना चाहिए। कार्यशाला में कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग, आईआईटी-बीएचयू के प्रो. संजय कुमार सिंह ने एआई एवं मशीन लर्निंग से संबंधित संसाधनों के लिए समर्पित प्रयोगशाला एवं अधिगम मंच विकसित करने पर जोर दिया। विद्यार्थियों के बीच एआई एवं प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।

कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने दैनिक जीवन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शारीरिक शिक्षा एवं खेलों के क्षेत्र को भी तकनीकी बदलावों के अनुरूप स्वयं को विकसित करना होगा। विभागाध्यक्ष, शारीरिक शिक्षा विभाग ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में केन्द्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा, तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय तथा सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को वैज्ञानिक अनुसंधान एवं शारीरिक शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग से संबंधित विविध दृष्टिकोणों से परिचित करा रहे हैं। तीन सितंबर तक चलने वाला कार्यशाला शारिरिक शिक्षा विभाग के करण सिंह हॉल में आयोजित किया गया है।

कार्यशाला में दो और तीन सितंबर को विभिन्न प्रमुख शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के विशेषज्ञ और वक्ता शामिल होंगे, जो अनुसंधान में उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग से जुड़े विभिन्न दृष्टिकोण प्रतिभागियों के साथ साझा करेंगे। कार्यक्रम में प्रो. श्रीराम पाण्डेय, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग, केन्द्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा, डॉ. शाश्वत प्रियम खरे, टीएमआईएमटी कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन, तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, डॉ. बृज किशोर, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर तथा संदीप मुखर्जी, मुख्य परिचालन अधिकारी, सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के सहित अन्य विशेषज्ञ संबोधित करेंगे। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में ‘हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन’ शीर्षक पुस्तक के पुस्तक-विमोचन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. बी.सी. कपरी ने किया।