Delhi

जैन आचार्य लोकेश मुनि को मिला ‘महात्मा गांधी पीस प्राइज’

नई दिल्ली, 02 अक्टूबर । महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जैन आचार्य लोकेश को ‘महात्मा गांधी पीस प्राइज’ से सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह का आयोजन इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एवं ग्लोबल पीस काउंसिल द्वारा दिया गया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा शांति और मानवाधिकार क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

आयोजकों ने बताया कि आचार्य लोकेश मुनि को यह सम्मान अहिंसा, विश्व शांति, अंतरधार्मिक संवाद, सद्भाव और मानवता के लिए उनके निरंतर प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। आचार्य लोकेश लंबे समय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति एवं अहिंसा के संदेश को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच संवाद एवं सहयोग की आवश्यकता पर बल देते रहे हैं।

सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन में आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि भगवान महावीर का अहिंसा और शांति का संदेश केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक है। महात्मा गांधी ने अहिंसा के सिद्धांत को जीवंत रुप से प्रयोग में लाकर पूरे विश्व को चमत्कृत किया था उन्होंने कहा कि आज दुनिया को युद्ध और टकराव की नहीं, बल्कि संवाद, करुणा, सह-अस्तित्व और अहिंसा की आवश्यकता है। उन्होंने विश्व समुदाय से मानवता को हिंसा से मुक्त करने और शांति को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि महात्मा गांधी ने दुनिया को यह संदेश दिया कि अहिंसा केवल एक विचार नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य का मार्ग है। आज आवश्यकता है कि हम हिंसा और युद्ध की मानसिकता से ऊपर उठकर संवाद, सद्भाव और करुणा के माध्यम से एक शांतिपूर्ण विश्व का निर्माण करें।

गांधी जयंती के अवसर पर प्रदान किया गया यह सम्मान अहिंसा और विश्व शांति के सार्वभौमिक संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने शांति, मानवता और सद्भाव के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।