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डीजीपी कैलाश मकवाणा ने मलय जैन को दी शुभकामनाएं, बोले- ‘सुनें सबकी, करें वही जो सही हो’

भोपाल, 06 नवंबर । मध्य प्रदेश के बालाघाट पुलिस अधीक्षक के पद पर नई जिम्मेदारी मिलने पर पुलिस मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मलय जैन के सम्मान में शुक्रवार को विदाई समारोह आयोजित किया गया।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने उन्हें पुष्पमाला पहनाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। डीजीपी ने जैन को नई जिम्मेदारी के सफल निर्वहन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक अच्छे पुलिस अधिकारी का मूलमंत्र होना चाहिए- ‘सुनें सबकी, करें वही जो सही हो।’

डीजीपी मकवाणा ने कहा कि दिसंबर 2024 में मलय जैन को स्टाफ ऑफिसर के रूप में चयनित करते समय उनकी ईमानदारी, कर्मठता और विवादरहित कार्यशैली को प्राथमिकता दी गई थी। स्टाफ ऑफिसर के रूप में उन्होंने जनसुनवाई के आवेदनों की नियमित निगरानी एवं ट्रैकिंग तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल पुरस्कृत करने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया।

डीजीपी ने बालाघाट में अपने पूर्व कार्य-अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह जिला पुलिस के लिए हमेशा महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण रहा है। करीब 32 वर्ष पहले वहां संचार सुविधाओं का अभाव था। घने जंगलों में लंबी पैदल गश्त करनी पड़ती थी और बारूदी सुरंगों जैसे गंभीर खतरों के बीच पुलिस बल को काम करना पड़ता था। उस समय पुलिसकर्मियों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के निरंतर प्रयासों से आज बालाघाट में नक्सली समस्या समाप्त हो चुकी है। ऐसे में जिले के पुलिस अधीक्षक के सामने पुलिस बल का मनोबल बनाए रखने, सतर्कता कायम रखने और हासिल उपलब्धियों को बरकरार रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

नवनियुक्त एसपी मलय जैन को मार्गदर्शन देते हुए डीजीपी ने कहा कि अधिकारी को सभी पक्षों की बात धैर्यपूर्वक सुननी चाहिए, लेकिन निर्णय तथ्यों और नियमों के आधार पर ही लेना चाहिए। किसी भी अनुचित दबाव में आए बिना दृढ़ता से सही निर्णय लेना तथा अपनी संवेदनशीलता और सहजता बनाए रखना एक अच्छे पुलिस अधिकारी की पहचान है।

समारोह में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने मलय जैन के साथ काम करने के अनुभव एवं संस्मरण साझा किए। वक्ताओं ने उनकी सकारात्मक कार्यशैली, सहज व्यवहार, परिपक्व नेतृत्व क्षमता और टीम को साथ लेकर चलने के गुणों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी जैन मुस्कुराते हुए धैर्य और संयम के साथ काम करते रहे। आमजन और फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनना तथा उनके निराकरण के लिए तत्पर रहना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

पुलिस मुख्यालय में विभिन्न दायित्वों के दौरान मलय जैन ने मीडिया प्रकोष्ठ एवं सोशल मीडिया प्रबंधन, नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी’, साइबर अपराध जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक’, नवीन न्याय संहिता की प्रदर्शनी और जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने सागर, नर्मदापुरम, टीकमगढ़ और हरदा जिलों में उनकी सेवाओं के साथ एआईजी (प्रशासन) तथा पुलिस अकादमी में उप निदेशक के रूप में किए गए कार्यों और प्रशासनिक दक्षता की भी सराहना की।