Haryana

नूंह: पुराने नोट व सिक्कों के नाम पर ठगी करने वाले दो गिरफ्तार

नूंह, 06 नवंबर । जिले में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए नूंह साइबर क्राइम पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर फर्जी सिम कार्ड, फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट और बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी करने में संलिप्त होने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी एक्टिवेटेड सिम कार्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्य बरामद किए हैं।

पुलिस प्रवक्ता ने शुक्रवार काे बताया कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को काबू किया। पहली कार्रवाई में सीएस स्टाफ फिरोजपुर झिरका की टीम ने बड़कली चौक के पास से सोयब निवासी दोरखी, थाना फिरोजपुर झिरका को गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपनी असली पहचान छिपाकर फर्जी एक्टिवेटेड सिम और मोबाइल फोन के माध्यम से पुराने करेंसी नोट एवं सिक्कों की खरीद-बिक्री के नाम पर लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी करता है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बड़कली चौक से नूंह की तरफ यूरिया पंप के सामने सड़क पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक नीले रंग का मोबाइल फोन मिला, जिसमें राज ग्यानी और विक्रम राठौड़ के नाम से चार अलग-अलग व्हाट्सएप एवं व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट लॉगिन पाए गए। इसके अलावा एक आईफोन भी बरामद हुआ, जिसमें सोयब हरियाणवी के नाम से व्हाट्सएप, गूगल पे और एफएम ऐप वॉलेट लॉगिन मिला।

पुलिस के अनुसार, मोबाइल की गैलरी और व्हाट्सएप चैट में पुराने नोटों एवं सिक्कों की खरीद-बिक्री के नाम पर संदिग्ध बातचीत और तस्वीरों के स्क्रीनशॉट भी मिले। पूछताछ में आरोपी दोनों सिम कार्डों के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। जांच में एक सिम राजस्थान के जालौर निवासी प्रवीन और दूसरी दोरखी निवासी सकूनत के नाम पर पंजीकृत मिली।

वहीं, दूसरी कार्रवाई में सीएस पीओ स्टाफ पुन्हाना की टीम ने सलमान निवासी बीसरू, थाना बिछौर को होडल-पुन्हाना रोड से दल्लाबास जाने वाले कच्चे रास्ते से गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी साइबर ठगों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने के साथ अपने बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम मंगवाकर कमीशन के बदले नकदी निकालता है।

पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से दो सिम लगे एक मोबाइल फोन के अलावा मोबाइल कवर में छिपाकर रखा गया एक फर्जी एक्टिवेटेड सिम कार्ड बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह अपने कोटक महिंद्रा बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम मंगवाकर कमीशन पर निकालता था। साइबर पुलिस पोर्टल पर खाते की जांच करने पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड से संबंधित आठ साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज मिलीं। पुलिस ने बरामद फर्जी सिम कार्ड को सील कर कब्जे में ले लिया।